शनि गोचर से बदलेंगे तीन राशियों के हाल, इन तारीखों को साढ़ेसाती का असर होगा खत्म
Shani Sade Sati: शनि की साढ़ेसाती मेष, कुंभ और मीन राशियों पर अलग-अलग समय तक प्रभाव डाल रही है। ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 31 Mar 2026 03:31:18 PM (IST)Updated Date: Tue, 31 Mar 2026 03:40:46 PM (IST)
शनि साढ़ेसाती से मेष, कुंभ और मीन को कब मिलेगी राहतHighLights
- शनि साढ़ेसाती कुल सात साल छह महीने तक चलती है
- शनिवार उपाय और छायादान से कम होते हैं कष्ट
- शनि साढ़ेसाती से मेष, कुंभ और मीन को मिलेगी राहत
धर्म डेस्क: शनि की साढ़ेसाती (Sani Sade Sati) किसी भी राशि पर कुल 7.5 वर्षों तक रहती है। यह अवधि तीन चरणों में विभाजित होती है, जिनमें प्रत्येक चरण ढाई-ढाई वर्ष का होता है। ज्योतिष शास्त्र में इसे जीवन के लिए महत्वपूर्ण समय माना जाता है, जो अनुशासन, संघर्ष, स्थान परिवर्तन और कठिन मेहनत के बाद सफलता दिलाता है।
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मेष राशि को कब मिलेगी मुक्ति
मेष राशि के जातकों पर 29 मार्च 2025 से साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू हो चुका है। यह अवधि लंबे समय तक प्रभावी रहेगी। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 31 मई 2032 को जब शनि मिथुन राशि में गोचर करेंगे, तब मेष राशि के जातकों को साढ़ेसाती से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।
कुंभ राशि के लिए राहत का समय
कुंभ राशि पर इस समय साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है। 3 जून 2027 को शनि देव मीन राशि से मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इस गोचर के साथ ही कुंभ राशि के जातकों को साढ़ेसाती से राहत मिल जाएगी और जीवन में स्थिरता लौटने की संभावना बढ़ेगी।
मीन राशि की स्थिति
मीन राशि के लिए 3 जून 2027 से साढ़ेसाती का दूसरा चरण शुरू होगा। यह समय कुछ चुनौतियां लेकर आ सकता है। हालांकि, 8 अगस्त 2029 को जब शनि मेष राशि से वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे, तब मीन राशि के जातकों को साढ़ेसाती से मुक्ति मिल जाएगी।
साढ़ेसाती से राहत के उपाय
ज्योतिष में शनि के कष्टों को कम करने के लिए कुछ प्रभावी उपाय बताए गए हैं। शनिवार के दिन शिवलिंग पर जल और काले तिल अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना भी लाभकारी बताया गया है।
नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करने और रुद्राक्ष की माला से “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का 108 बार जप करने से भी राहत मिलती है। शनि से संबंधित वस्तुओं जैसे काले तिल, लोहे की चीजें और काले कपड़ों का दान करना भी फलदायी माना गया है।
छायादान का विशेष महत्व
छायादान को शनि दोष से राहत पाने का प्रभावी उपाय माना जाता है। इसके लिए शनिवार को लोहे या मिट्टी के पात्र में 250 ग्राम सरसों या तिल का तेल लेकर उसमें अपनी परछाई देखी जाती है। इसके बाद उस तेल को जरूरतमंद व्यक्ति को दान किया जाता है या शनि मंदिर में अर्पित किया जाता है। इससे जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की मान्यता है।