Shani Jayanti 2026: शनि देव को तेल चढ़ाते समय न करें ये 5 गलतियां, वरना भुगतने पड़ सकते हैं भारी परिणाम
शास्त्रों के अनुसार, शनि देव कर्मफल दाता हैं और उनकी पूजा के कुछ कठिन नियम बनाए गए हैं। ऐसे में आइए जानते हैं तेल चढ़ाते समय किन सावधानियों का पालन कर ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 14 May 2026 02:01:19 PM (IST)Updated Date: Thu, 14 May 2026 02:01:19 PM (IST)
शनि देव को तेल चढ़ाते समय न करें ये गलतियां।HighLights
- शनि देव को तेल चढ़ाते समय न करें ये गलतियां
- वरना आपको भुगतने पड़ सकते हैं भारी परिणाम
- छाया दान से प्राप्त करें शनि देव की कृपा
धर्म डेस्क। शनि जयंती का दिन शनि देव की कृपा पाने और साढ़ेसाती या ढैय्या के कष्टों को कम करने के लिए अच्छा माना जाता है। इस दिन भक्त बड़ी संख्या में मंदिर जाकर शनि शिला पर सरसों का तेल चढ़ाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत तरीके से चढ़ाया गया तेल फायदे की जगह आपके जीवन में संकट ला सकता है?
शास्त्रों के अनुसार, शनि देव कर्मफल दाता हैं और उनकी पूजा के कुछ कठिन नियम बनाए गए हैं। ऐसे में आइए जानते हैं तेल चढ़ाते समय किन सावधानियों का पालन करना जरूरी है।
प्रतिमा की आंखों में न देखें
शनि देव की दृष्टि को बहुत उग्र माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा करते समय उनकी आंखों में सीधे नहीं देखना चाहिए। हमेशा उनके चरणों की ओर देखकर ही तेल अर्पित करें।
शुद्धता का रखें ध्यान
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अक्सर लोग मंदिर के बाहर मिलने वाले सस्ते या मिलावटी तेल का उपयोग कर लेते हैं। शनि देव को शुद्ध सरसों का तेल ही प्रिय है। अशुद्ध तेल चढ़ाना उनके अपमान के समान माना जाता है, जिससे आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।
दिशा और स्वच्छता का महत्व
शनि देव को तेल हमेशा पश्चिम दिशा की ओर मुख करके चढ़ाना चाहिए। गलत दिशा में खड़े होकर पूजा करने से शुभ फल नहीं मिलता है। तेल चढ़ाते समय ध्यान रखें कि वह शिला पर ही गिरे। तेल को इधर-उधर फर्श पर फैलाना दरिद्रता को बुलावा देता है। अगर हो पाए तो तेल चढ़ाने के बाद खाली पात्र वहीं न छोड़ें, उसे उचित स्थान पर रखें।
छाया दान से प्राप्त करें शनि देव की कृपा
अगर आप चाहते हैं कि शनि जयंती पर आपकी पूजा सफल हो, तो तेल अर्पित करने से पहले उसमें अपना चेहरा देखें। इसे छाया दान कहा जाता है। ऐसा करने से आपकी शारीरिक और मानसिक परेशानियां शनि देव के चरणों में चली जाती हैं। साथ ही शुभ फलों की प्राप्ति होती है।