
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। शरद ऋतु की उजली चांदनी, चंद्रमा की शीतल आभा और मां लक्ष्मी की आराधना का पर्व शरद पूर्णिमा इस बार विशेष ज्योतिषीय संयोगों के कारण चर्चा में है। रविवार, 25 अक्टूबर को मनाए जाने वाले इस पर्व पर हर्षण योग, वज्र योग और सर्वार्थ सिद्धि योग के बनने का दावा किया जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इन संयोगों में मां लक्ष्मी की पूजा, दान-पुण्य और शुभ कार्यों का विशेष महत्व रहेगा।
ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ दुबे के अनुसार, आश्विन शुक्ल पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर को सुबह प्रारंभ होकर 26 अक्टूबर की सुबह तक रहेगी। पूर्णिमा की चांदनी में मां लक्ष्मी की आराधना और रात्रि जागरण की परंपरा के कारण 25 अक्टूबर की रात शरद पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार तिथि का समय स्थान के आधार पर कुछ मिनट अलग हो सकता है।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा पर पूजा-पाठ, दान, निवेश, संपत्ति की खरीदारी और नए कार्यों का शुभारंभ किया जा सकता है। नौकरी या व्यवसाय में नई जिम्मेदारी संभालने तथा महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत के लिए भी इस दिन को शुभ माना जाता है। श्रद्धालु अपनी परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त का चयन कर सकते हैं।
शरद पूर्णिमा : चंद्र के पूजन से आरोग्य पाने की पूर्णिमा
शरद पूर्णिमा की सबसे लोकप्रिय परंपराओं में रात में खीर बनाकर उसे चंद्रमा की रोशनी में रखने की परंपरा शामिल है। धार्मिक विश्वास है कि इस रात चंद्रमा की किरणों में अमृततुल्य गुण होते हैं और चांदनी में रखी खीर प्रसाद के रूप में ग्रहण करने से आरोग्य और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। इसी मान्यता के चलते कई परिवार रात में खीर को खुले स्थान पर रखकर अगले दिन प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं।
शरद पूर्णिमा पर प्रातः स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जा सकती है। संध्या के समय चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य अर्पित करें। घर में दीपक जलाएं और अपनी परंपरा के अनुसार खीर, फल तथा अन्य नैवेद्य अर्पित करें। व्रत रखने वाले श्रद्धालु चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद अपनी व्रत-परंपरा के अनुसार पारण करें। रात्रि में भजन, मंत्र-जप और जागरण का भी विशेष महत्व है। शरद पूर्णिमा का संदेश केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है। यह पर्व शरद ऋतु की निर्मलता, चंद्रमा की शीतलता और परिवार के साथ आस्था के क्षण साझा करने का अवसर भी है।