
रामकृष्ण मुले, नईदुनिया, इंदौर। पुरी के जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर शहर के निपानिया स्थित राधा-गोविंद मंदिर में भी 29 जून को स्नान यात्रा के बाद भगवान जगन्नाथ के दर्शन 15 दिन नहीं होंगे। 108 नदियों के जल से भक्तों द्वारा भगवान को कराए जाने वाले सहस्त्र स्नान के बाद जगत के पालनहार खुद बीमार पड़ जाएंगे। इसके चलते 15 दिनों के लिए मंदिर के पट बंद रहेंगे और भगवान विश्राम की मुद्रा में रहेंगे। विश्राम में किसी तरह का खलल ने पड़े इसलिए घंटे घड़ियाल और शंख ध्वनि भी नहीं की जाएगी।
इस वर्ष भगवान का उत्सव नहीं बल्कि मूल विग्रह के अभिषेक का अवसर मिलेगा। अभिषेक 108 नदियों से जल से किया जाएगा। इस बार वैष्णव परिधान में आने वाले सभी भक्तों को अभिषेक का अवसर मिलेगा। ज्येष्ठ पूर्णिमा पर सोमवार को दोपहर 11 बजे गर्भगृह से भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र को बाहर लाकर सहस्त्र स्नान कराया जाएगा।
इस्कॉन इंदौर के अध्यक्ष महामनदास प्रभु बताते हैं कि जगन्नाथ पुरी की तरह सभी विधि विधान इंदौर सहित देश-दुनिया के सभी इस्कॉन मंदिरों में होंगे। भगवान जल्दी स्वस्थ हों, इसके लिए उनका विशेष ध्यान रखा जाएगा। उन्हें जड़ी बुटियों से बनी औषधियों का भोग लगाया जाएगा।अच्युत गोपाल प्रभु ने बताया कि मेवे मिष्ठान की जगह भोजन में उबली हुई सब्जियां और खिचड़ी आदि के अलावा काढ़ा और फलों का रस प्रदान किया जाएगा। इस दौरान प्रतिदिन विग्रह पर शीतल लेप लगाया जाएगा।
भगवान के बीमार होने से 30 जून से 14 जुलाई तक मंदिर के पट बंद रहेंगे। अंतर्राष्ट्रीय श्रीकृष्ण भावनामृत संघ के निपान्या स्थित मंदिर पर इस वर्ष भी भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा 19 जुलाई को निकाली जाएगी। इस बार भी रथ यात्रा अन्नपूर्णा मंदिर परिसर से राजवाड़ा स्थित गोपाल मंदिर तक निकाली जाएगी।
यात्रा दोपहर 1 बजे अन्नपूर्णा मंदिर से शहर के सभी प्रमुख संत, विद्वानों, आचार्यों एवं वेदपाठी विद्वानों के सानिध्य में प्रारंभ होकर नरेन्द्र तिवारी मार्ग, रणजीत हनुमान मंदिर, महू नाका चौराहा, छत्रीपुरा, बियाबानी, मालगंज, मल्हारगंज, टोरी कार्नर, गौराकुंड चौराहा, खजूरी बाजार होते हुए राजवाड़ा चौक से गोपाल मंदिर पहुंचेगी। यात्रा मार्ग पर परम्परागत स्वागत की तैयारियां भी शुरू हो गई है।
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