
स्पोर्ट्स डेस्क। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का बिगुल बजने ही वाला है। साल 2008 में जब क्रिकेट के इस महाकुंभ की शुरुआत हुई थी, तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह दुनिया की सबसे अमीर लीग बन जाएगी। आज टी20 क्रिकेट खेलने का तरीका पूरी तरह बदल चुका है, स्ट्राइक रेट आसमान छू रहे हैं और टीमें 250+ का स्कोर आसानी से बना रही हैं।
लेकिन, क्या आप जानते हैं कि आईपीएल के पहले ही सीजन (2008) में कुछ ऐसे कीर्तिमान स्थापित हुए थे, जिन्हें पिछले 17 सालों में सैकड़ों दिग्गज खिलाड़ी भी नहीं डिगा सके? आइए नजर डालते हैं उन 5 ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स पर जो आज भी 'अजेय' हैं।
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(Image Source: AI-Generated)
आईपीएल के इतिहास की सबसे पहली पारी और सबसे बड़ा धमाका! केकेआर (KKR) के ब्रैंडन मैकुलम ने आरसीबी के खिलाफ उद्घाटन मैच में 158 रनों की नाबाद पारी खेली थी।
आईपीएल डेब्यू पर किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया यह सर्वोच्च स्कोर है। 18 साल बीत गए, लेकिन कोई भी खिलाड़ी अपने पहले मैच में इस जादुई आंकड़े को पार नहीं कर सका।
राजस्थान रॉयल्स के खिताबी सफर में सोहेल तनवीर की गेंदबाजी का बड़ा हाथ था। उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मात्र 14 रन देकर 6 विकेट चटकाए थे। साल 2019 में अल्जारी जोसेफ ने 12 रन देकर 6 विकेट जरूर लिए, जिससे तनवीर के '6 विकेट' के रिकॉर्ड की बराबरी तो हुई, लेकिन एक पारी में 7 विकेट लेने का करिश्मा आज तक कोई गेंदबाज नहीं कर पाया।
बल्लेबाजी के बादशाह सचिन तेंदुलकर ने 2008 में अपनी फील्डिंग से भी लोहा मनवाया था। केकेआर के खिलाफ एक ही मैच में उन्होंने 4 कैच लपके थे। रवींद्र जडेजा, रिंकू सिंह और रियान पराग जैसे आधुनिक दौर के बेहतरीन फील्डर्स ने इस रिकॉर्ड की बराबरी तो की, लेकिन कोई भी भारतीय आज तक एक मैच में 5 कैच लेकर सचिन को पीछे नहीं छोड़ सका है।
डेक्कन चार्जर्स और केकेआर के बीच हुए एक मुकाबले में गेंदबाजों ने अनुशासनहीनता की सारी हदें पार कर दी थीं। डेक्कन चार्जर्स ने उस मैच में 28 एक्स्ट्रा रन (15 वाइड, 8 लेग बाय, 4 बाय, 1 नो-बॉल) दिए थे। टी20 के कड़े अनुशासन वाले दौर में आज तक किसी टीम ने एक पारी में इससे ज्यादा अतिरिक्त रन देकर इस 'शर्मनाक' रिकॉर्ड को नहीं तोड़ा है।
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2008 में मुंबई इंडियंस और केकेआर के बीच वानखेड़े में हुए एक मैच में केकेआर की पूरी टीम 67 रनों पर सिमट गई थी। मुंबई ने लक्ष्य हासिल किया और पूरे मैच में दोनों टीमों को मिलाकर केवल 135 रन बने।
2017 में पंजाब और दिल्ली के मैच में भी ठीक 135 रन बने थे, लेकिन आईपीएल के 1000 से ज्यादा मैचों के इतिहास में आज तक इससे कम रनों वाला पूर्ण मैच (बिना बारिश की बाधा के) नहीं देखा गया।