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MPL 2026: 37 साल के देवेंद्र कथैत मैदान पर बिखेर रहे चमक, प्लेयर डेवलपमेंट प्रोग्राम से मिली राह

37 साल की उम्र में देवेंद्र सिंह कथैत ने साबित कर दिया कि प्रतिभा की कोई उम्र नहीं होती।

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Thu, 25 Jun 2026 08:04:49 AM (IST)Updated Date: Thu, 25 Jun 2026 08:09:50 AM (IST)
MPL 2026: 37 साल के देवेंद्र कथैत मैदान पर बिखेर रहे चमक, प्लेयर डेवलपमेंट प्रोग्राम से मिली राह
एमपीएल के मैच के दौरान गेंदबाजी करते देवेंद्र कथैल। सौजन्य - एमपीएल

HighLights

  1. जिस उम्र में खिलाड़ी संन्यास ले लेते हैं, उसमें देवेंद्र मैदान पर चमक बिखेर रहे हैं
  2. उनकी वापसी एमपीसीए के प्लेयर डेवलपमेंट प्रोग्राम पीडीपी की वजह से संभव हुई
  3. देवेंद्र कथैत का कहना है कि एमपीएल में खेलना सपने के सच होने जैसा है

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। प्रतिभा की कोई उम्र नहीं होती और समय-समय पर ऐसी कहानियां सामने आती हैं जो इसे साबित करती हैं। रॉयल निमाड़ ईगल्स के तेज गेंदबाज देवेंद्र सिंह कथैत ऐसी ही एक प्रेरणादायक मिसाल हैं। आम तौर खिलाड़ी जिस उम्र में आकर खेल से संन्यास ले लेता है, उस उम्र में देवेंद्र को पेशेवर खेल में अपनी प्रतिभा बिखेर रहे हैं।

37 साल की उम्र में, उन्हें आखिरकार प्रतिस्पर्धात्मक क्रिकेट में वापसी करने और मध्य प्रदेश लीग (एमपीएल) टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट में बड़े मंच पर अपना हुनर दिखाने का मौका मिला।

बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज की शानदार वापसी लीग के प्लेयर डेवलपमेंट प्रोग्राम (पीडीपी) की वजह से मुमकिन हो पाई है। यह मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) की एक अनोखी पहल है, जिसका उद्देश्य उन प्रतिभाशाली क्रिकेटरों को अपने सपनों को पूरा करने का दूसरा मौका देना है, जो अलग-अलग वजहों से खेल से दूर हो गए थे।


मौके का पूरा फायदा उठाया

इस प्रोग्राम के तहत, हर एमपीएल फ्रेंचाइजी अपनी टीम में दो पीडीपी खिलाड़ियों को शामिल करती है, जिन्हें एक प्रक्रिया के जरिये चुना जाता है। देवेंद्र उन खिलाड़ियों में से एक हैं जिन्होंने इस मौके का पूरा फायदा उठाया और प्रतिस्पर्धात्मक क्रिकेट में वापसी की। अपने सफर के बारे में बात करते हुए इस तेज गेंदबाज ने उन चुनौतियों, खेल से दूर बिताए सालों और उस दृढ़ संकल्प के बारे में बताया जो उन्हें आखिरकार क्रिकेट के मैदान पर वापस ले आया।

एमपीएल में खेलना सपना सच होने जैसा

उन्होंने कहा कि एमपीएल में खेलने का मौका मिलना किसी सपने के सच होने जैसा था। मैं कई सालों से प्रतिस्पर्धात्मक क्रिकेट से दूर था, लेकिन तेज गेंदबाजी का जुनून कभी कम नहीं हुआ। मैं अपनी नौकरी पर ध्यान दे रहा था और कभी-कभार ही खेलता था, लेकिन खेल के लिए प्यार हमेशा बना रहा। जब प्लेयर डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू हुआ, तो मैंने इसे राज्य के कुछ बेहतरीन खिलाड़ियों के सामने खुद को परखने के मौके के तौर पर देखा।

मौके किसी भी पड़ाव पर मिल सकते हैं

अपने सीनियर्स, कोच और टीम के साथियों से मिले सहयोग ने मुझे यह भरोसा दिलाया कि मैं इस स्तर पर खेल सकता हूं। मेरे लिए, यह सफर इस बात का सबूत है कि अगर आप कड़ी मेहनत करते रहें और तैयार रहें, तो मौके किसी भी पड़ाव पर मिल सकते हैं। एमपीएल में खेलना और इतने बड़े मंच पर अपनी टीम का प्रतिनिधित्व करना बहुत ही खास एहसास है।

कड़ी मेहनत करते रहें और तैयार रहें

प्लेयर डेवलपमेंट प्रोग्राम की सराहना करते हुए देवेंद्र ने कहा कि लगातार कोशिश करते रहना ही उनकी सफलता का राज रहा है। प्लेयर डेवलपमेंट प्रोग्राम उन खिलाड़ियों के लिए एक बहुत बड़ा मौका है जिन्हें शायद पहले पेशेवर क्रिकेट खेलने का मौका नहीं मिला था। मेरा सभी के लिए एक ही संदेश है- कड़ी मेहनत करते रहें और तैयार रहें। पता नहीं कब ऐसा मौका मिल जाए।

एमपीएल ने कई खिलाड़‍ियों को फिर से सपने देखने का मंच दिया

अगर सही समय पर आप तैयार हों, तो यह आपके सफर को पूरी तरह बदल सकता है। उन्होंने कहा कि एमपीएल ने मुझ जैसे कई खिलाड़ियों को फिर से सपने देखने का मंच दिया है। मैंने सब्र रखा, कड़ी मेहनत की और अपने मौके का इंतजार किया। अब जब मौका मिल गया है, तो मेरा पूरा ध्यान टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने और इस सफर के हर पल का आनंद लेने पर है।

गेंदबाज के लिए यादगार बन गया एमपीएल

देवेंद्र के लिए एमपीएल में अपना पहला मैच खेलने के लिए मैदान पर उतरना एक भावुक पल था, क्योंकि उनके परिवार वाले स्टैंड्स से उन्हें खेलते हुए देख रहे थे और उनका हौसला बढ़ा रहे थे। प्रतिस्पर्धात्मक क्रिकेट से सालों दूर रहने के बाद, अपने परिवार वालों के सामने वापसी करना इस अनुभवी तेज गेंदबाज के लिए इस मौके को और भी खास और यादगार बना गया।

उन्होंने कहा कि मेरे परिवार को हमेशा से पता था कि मुझे क्रिकेट से कितना प्यार है, इसलिए जब मुझे एमपीएल में खेलने का मौका मिला, तो यह हम सभी के लिए एक भावुक पल था। इतने बड़े मंच पर मुझे खेलते हुए देखकर मेरी सारी मेहनत सफल हो गई। अभी मैं बस इस मौके का आनंद लेना चाहता हूं, अपनी टीम के लिए योगदान देना चाहता हूं और हर मैच का पूरा फायदा उठाना चाहता हूं।

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