
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मैच की पहली ही गेंद पर मिले जीवनदान के बावजूद शुभम खजूरिया अपनी टीम जम्मू-कश्मीर को रणजी ट्राफी क्वार्टर फाइनल की पहली पारी में बड़े स्कोर तक नहीं पहुंचा सके। मध्य प्रदेश के गेंदबाजों और क्षेत्ररक्षकों के संयुक्त प्रयासों के सामने जम्मू-कश्मीर की टीम 194 रनों पर सिमट गई। मध्य प्रदेश के लिए कुलदीप सेन ने 15 ओवर में 66 रन देकर पांच विकेट लिए।
पहले दिन का खेल समाप्त होने तक मध्य प्रदेश ने बिना किसी नुकसान के 28 रन बना लिए हैं। मेजबान टीम पहली पारी में 166 रन पीछे है और सभी विकेट शेष हैं। स्टम्प्स के समय हर्ष गवली (नाबाद आठ रन) और यश दुबे (नाबाद 14 रन) क्रीज पर मौजूद थे। होलकर स्टेडियम पर शुक्रवार को मध्य प्रदेश के कप्तान रजत पाटीदार ने टास जीतकर गेंदबाजी चुनी।
होलकर स्टेडियम में परंपरागत रूप से सुबह के पहले सत्र में गेंदबाजों को मदद मिलती है और मध्य प्रदेश के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाया। मैच की पहली ही गेंद पर शुभम खजूरिया के खिलाफ मध्य प्रदेश ने अपील की, जिसे अंपायर ने ठुकरा दिया। मध्य प्रदेश ने रिव्यू मांगा। रिव्यू में दिखा की गेंद ग्लब्स पर लगी थी, लेकिन खजूरिया ने उस हाथ में बल्ला नहीं पकड़ा था।
बल्ला दाएं हाथ में था और गेंद बाएं हाथ के ग्लब्स से टकराई थी। चूंकि बल्ला नहीं पकड़ा था इसलिए नियमानुसार रिव्यू में आउट नहीं दिया गया। इस जीवनदान का फायदा उठाते हुए शुभम ने अर्धशतकीय पारी खेली, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें उचित सहयोग नहीं मिला। ओपनर यावर हसन और मध्यक्रम बल्लेबाज शुभम पुंडिर बाहर जाती गेंदों से छेड़खानी करने के चक्कर में विकेट गंवा बैठे।
तेज गेंदबाज कुलदीप सेन की बाईं ओर से बाहर जाती गेंद को हसन ने फ्लिक करने का प्रयास किया। गेंद बल्ले का बाहरी किनारा छूते हुए पीछे गई और विकेटकीपर हिमांशु मंत्री ने कैच लपकने में देर नहीं की। शुभम पुंडिर भी बाहर जाती गेंद को खेलने के चक्कर में आउट हुए। इसके बाद खजूरिया और कप्तान पारस डोगरा के बीच महत्वपूर्ण साझेदारी हुई।
दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 79 रन जोड़े। जब तक दोनों क्रीज पर थे, लग रहा था जम्मू-कश्मीर की टीम बड़ा स्कोर बना लेगी। मगर क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है। छठवें गेंदबाज के रूप में आक्रमण पर आए कुमार कार्तिकेय सिंह की गेंद पर रजत पाटीदार ने स्लिप में खूबसूरत कैच लपकते हुए खजूरिया की पारी का अंत किया। उन्होंने टीम के लिए सबसे ज्यादा 60 रनों की पारी खेली। इस दौरान 140 गेंदों का सामना करते हुए छह चौके लगाए।
इसके बाद जम्मू-कश्मीर के विकेट लगातार अंतराल में गिरते रहे। भ्रमणकारी टीम की स्थिति और भी खराब होती, लेकिन 10वें नंबर के बल्लेबाज युद्धवीर सिंह ने 41 रनों की आक्रामक पारी खेलते हुए टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। उन्होंने 35 गेंदों पर तीन चौके और तीन छक्के लगाए। साथ ही यशराज शर्मा के साथ नौंवे विकेट के लिए 42 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी भी की।
मध्य प्रदेश की टीम इस मैच में दो बदलाव के साथ उतरी थी। अक्षत रघुवंशी और सागर सोलंकी को बाहर करते हुए इनकी जगह हर्ष गवली और रामवीर गुर्जर को अंतिम एकादश में शामिल किया गया। चंबल के तेज गेंदबाज रामवीर गुर्जर का यह पदार्पण मैच रहा। हालांकि पहले मैच में वे बहुत ज्यादा प्रभावी नजर नहीं आए।
रामवीर ने 12 ओवर में 34 रन खर्च किए और कोई विकेट नहीं मिला। जम्मू-कश्मीर के बल्लेबाजों ने गलतियां करते हुए अपने विकेट गंवाए। होलकर स्टेडियम का विकेट बल्लेबाजी के लिए मददगार नजर आ रहा है। ऐसे में दूसरे दिन मध्य प्रदेश के पास बढ़त बनाने का मौका है।