
स्पोर्ट्स डेस्क: आईपीएल 2026 (IPL 2026) में राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) ने शानदार शुरुआत करते हुए चेन्नई सुपर किंग्स (Chennai Super Kings) को 8 विकेट से हराया। इस मैच के हीरो रहे 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) जिन्होंने मात्र 17 गेंदों में 52 रन की विस्फोटक पारी खेली।
मैच के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में जब उनसे 27 मार्च को मनाए गए उनके जन्मदिन के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने मजेदार अंदाज में कहा कि उन्होंने केक नहीं काटा। वैभव ने बताया कि केक काटने का प्लान था, लेकिन वह जल्दी सो गए क्योंकि दोस्त चेहरे पर केक लगा देते हैं। उनका यह जवाब सुनकर कमेंटेटर भी हंस पड़े।

इस मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए CSK की टीम 127 रन पर सिमट गई। जवाब में RR ने लक्ष्य को सिर्फ 12.1 ओवर में 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया। 47 गेंदें शेष रहते मिली यह जीत गेंदों के लिहाज से राजस्थान की IPL इतिहास की सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले 2014 में टीम ने RCB के खिलाफ 42 गेंद शेष रहते मुकाबला जीता था।
इस जीत के साथ चेन्नई के खिलाफ राजस्थान की कुल 16वीं जीत दर्ज हुई और टीम इस मामले में पंजाब किंग्स के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गई। इस सूची में मुंबई इंडियंस पहले स्थान पर है।
वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 15 गेंदों में अर्धशतक जड़कर नया रिकॉर्ड बना दिया। उनकी इस पारी ने मैच को एकतरफा बना दिया। हालांकि, जन्मदिन के दिन उन्होंने कोई जश्न नहीं मनाया, लेकिन तीन दिन बाद मैदान पर उनके बल्ले ने जमकर जश्न मनाया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने चेन्नई के गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया।
यह मुकाबला कई मायनों में खास रहा। 277 मैचों के बाद पहली बार MS Dhoni और Suresh Raina के बिना चेन्नई सुपर किंग्स मैदान पर उतरी। वहीं, 2020 के बाद पहली बार Sanju Samson आईपीएल के पहले मैच में बिना अर्धशतक लगाए आउट हुए।
अपनी बल्लेबाजी रणनीति पर वैभव ने कहा कि टीम का प्लान पावरप्ले का पूरा फायदा उठाने का था। उन्होंने बताया कि शुरुआत में पिच थोड़ी मुश्किल थी, लेकिन गेंद पुरानी होने के बाद बल्लेबाजी आसान हो गई।
उन्होंने कहा कि वह डिफेंस के बारे में भी सोचते हैं, लेकिन छोटे लक्ष्य का पीछा करते समय पावरप्ले अहम होता है। अगर उस समय गेंदबाज हावी हो जाएं, तो मैच पलट सकता है।
वैभव ने यह भी बताया कि टीम मैनेजमेंट और कोचिंग स्टाफ ने उन्हें अपने नैचुरल गेम के साथ खेलने की पूरी आजादी दी। उन्होंने कहा कि कोच ने उन पर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं डाला और भरोसा जताया कि वे परिस्थिति के अनुसार खेलें। इस आत्मविश्वास ने उन्हें खुलकर खेलने में मदद की।