
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मध्य प्रदेश के प्रतिभाशाली हाकी खिलाड़ी मोहम्मद कोनैन दाद का चयन भारतीय जूनियर हॉकी टीम में हुआ है। मोहम्मद कोनैन दाद भोपाल स्थित मध्य प्रदेश राज्य हाकी अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। भारतीय जूनियर टीम बेल्जियम दौरे पर जाएगी। यह दौरा पांच से 18 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान भारतीय टीम मेजबान टीम के खिलाफ कई मैच खेलेगी।
इस दौरे से भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल होगा। साथ ही यूरोपीय देशों की हॉकी शैली सीखने का भी अवसर मिलेगा। मोहम्मद कोनैन ने अकादमी में अपनी कड़ी मेहनत से स्वयं को अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार किया है। मध्य प्रदेश की टीमों की ओर से विभिन्न अवसरों पर उन्होंने प्रभावी प्रदर्शन किया है।
फारवर्ड पोजिशन पर खेलने वाले मोहम्मद कोनैन दाद की स्टिक के कमाल से मध्य प्रदेश टीम ने वर्ष 2023 में चंडीगढ़ को हराकर जूनियर पुरुष राष्ट्रीय चैम्पियनशिप जीती थी। अब भारतीय टीम में उनके चयन से प्रदेश के अन्य खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहन मिला है। मोहम्मद कोनैन दाद के पिता पूर्व ओलिंपियन समीर दाद हैं। वे ही मप्र हॉकी अकादमी के मुख्य कोच हैं।
मध्य प्रदेश हाकी अकादमी के मुख्य कोच ओलिंपियन समीर दाद का हॉकी मध्य प्रदेश यूनिट द्वारा सम्मान किया गया। समीर दाद अल्प प्रवास पर जबलपुर पहुंचे थे। हाकी मध्य प्रदेश द्वारा स्टेडियम स्थित प्रदेश कार्यालय में सम्मान समारोह आयोजित किया। संगठन के महासचिव लोक बहादुर ने शाल-श्रीफल व स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया।
ओलिंपियन समीर दाद राज्य अकादमी के लिए युवा खिलाड़ियों के ट्रायल्स लेने पहुंचे थे। इन दिनों मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों में राज्य अकादमी के लिए प्रतिभा खोज कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। चयनित खिलाड़ियों को मध्य प्रदेश सरकार द्वारा संचालित हॉकी अकादमी में विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। पुरुष खिलाड़ियों की अकादमी भोपाल में जबकि महिला अकादमी ग्वालियर में संचालित है।
सम्मान समारोह के दौरान प्रदेश संगठन के पदाधिकारी और हॉकी खिलाड़ी मौजूद थे। इस दौरान प्रदेश में हाकी को और विकसित करने के संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। उल्लेखनीय है कि समीर दाद ने वर्ष 2000 में सिडनी में हुए ओलिंपिक खेलों में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया था।
समीर दाद वर्ष 1998 में एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम के भी सदस्य थे। जूनियर विश्व कप में भी भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए शानदार प्रदर्शन किया है। वर्ष 1998 के सीनियर विश्व कप और एशिया कप में भी उन्होंने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। एशिया कप में भारत ने कांस्य पदक जीता था।