
रवि भूतड़ा, नईदुनिया न्यूज, बालोद। ''शाबाश निकिता बिटिया… छत्तीसगढ़ को आप पर गर्व है'' यह शब्द मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में छत्तीसगढ़ का पहला स्वर्ण पदक जीतने वाली बालोद जिले की बेटी निकिता ठाकुर को बधाई देते हुए कहे।
निकिता ने महिला 77 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में 160 किलोग्राम वजन उठाकर प्रदेश को गर्वित किया और न केवल अपने जिले, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया।
मुख्यमंत्री ने इस शानदार उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह जीत केवल एक पदक नहीं है, बल्कि प्रदेश की बेटियों के अदम्य साहस, कठिन परिश्रम और सपनों की उड़ान का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि निकिता की यह उपलब्धि प्रदेश के अन्य युवा खिलाड़ियों, विशेषकर बेटियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
निकिता ठाकुर बालोद जिले के आदिवासी ब्लॉक डौंडी के भर्रीटोला-36 की निवासी हैं। उन्होंने अपनी मेहनत और संघर्ष से यह ऐतिहासिक सफलता हासिल की। उनके पिता सुधीर कुमार ठाकुर एक प्राइवेट जॉब करते हैं। निकिता ने बताया कि वे लगभग तीन साल से वेटलिफ्टिंग कर रही हैं और दल्लीराजहरा में नियमित प्रैक्टिस करती हैं।
उनकी कोच अनिता शिंदे ने उन्हें खेल में बेहतर प्रदर्शन के लिए हमेशा प्रेरित किया। निकिता ने नईदुनिया से फोन पर बातचीत में बताया, "बारहवीं कक्षा के दौरान जब वेटलिफ्टिंग की प्रतिस्पर्धा हो रही थी, तो मेरे पीटीआई सर मुझे दल्लीराजहरा लेकर गए थे। वहां से मेरी कोच अनिता शिंदे ने मुझे इस खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।"
निकिता के संघर्ष और समर्पण की यह कहानी न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में युवाओं के लिए एक आदर्श बन चुकी हैं।
निकिता की इस ऐतिहासिक सफलता पर कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने भी बधाई दी और उनकी कड़ी मेहनत की सराहना की। कलेक्टर ने कहा, निकिता ने अपने परिश्रम और समर्पण से यह स्वर्ण पदक जीता है। उनका यह योगदान हर छत्तीसगढ़वासी के लिए प्रेरणास्त्रोत है।
निकिता ठाकुर की सफलता न केवल एक व्यक्तिगत जीत है, बल्कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। उनका संघर्ष और समर्पण यह दिखाता है कि कठिन परिश्रम और सही दिशा में मार्गदर्शन से कोई भी सपना साकार हो सकता है। निकिता की यह सफलता प्रदेश के अन्य खिलाड़ियों को अपने सपनों को हकीकत में बदलने के लिए प्रेरित करेगी।
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अनुसार, निकिता की सफलता प्रदेश की बेटियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। छत्तीसगढ़ में खेलों के प्रति जो नया उत्साह देखने को मिल रहा है, वह आने वाले समय में और भी खिलाड़ियों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेगा। खासकर, उन युवा लड़कियों के लिए जो अपने कौशल और मेहनत से खेलों में अपना नाम बनाना चाहती हैं।