एंड्रॉयड 16 में गूगल का नया एडवांस प्रोटेक्शन फीचर लॉन्च, स्कैम कॉल और खतरनाक वेबसाइट्स से यूजर्स सुरक्षित
गूगल का नया एडवांस प्रोटेक्शन फीचर एंड्रॉयड 16 यूजर्स को स्कैम कॉल, खतरनाक वेबसाइट्स और साइबर अटैक से सुरक्षा देगा। यूजर्स इसे आसानी से ऑन-ऑफ कर सकेंग ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 15 May 2026 02:11:30 PM (IST)Updated Date: Fri, 15 May 2026 02:11:30 PM (IST)
गूगल ने एंड्रॉयड 16 अपडेट किया है। (फाइल फोटो)HighLights
- एंड्रॉयड 16 में गूगल ने एडवांस प्रोटेक्शन फीचर लॉन्च किया।
- फीचर खतरनाक वेबसाइट्स और स्कैम लिंक ऑटोमैटिक ब्लॉक करेगा।
- संदिग्ध कॉल और स्पैम मैसेज की पहचान कर अलर्ट देगा।
टेक्नोलॉजी डेस्क। गूगल ने एंड्रॉयड 16 अपडेट के साथ यूजर्स की डिजिटल सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए ‘एडवांस प्रोटेक्शन’ फीचर पेश किया है। यह नया सिक्योरिटी फीचर खतरनाक वेबसाइट्स, स्कैम कॉल, साइबर अटैक और स्पैम मैसेज जैसी ऑनलाइन गतिविधियों से यूजर्स को सुरक्षित रखने में मदद करता है।
कंपनी ने इसे अपने एडवांस प्रोटेक्शन प्रोग्राम के तहत लॉन्च किया है, जिससे एंड्रॉयड डिवाइस पहले से ज्यादा सुरक्षित हो गए हैं।
क्या है एडवांस प्रोटेक्शन फीचर
- जून 2025 में पेश किया गया यह फीचर गूगल क्रोम, मैसेज और फोन जैसे एप्स की सिक्योरिटी सेटिंग्स के लिए सिंगल कंट्रोल पॉइंट की तरह काम करता है। यह संदिग्ध वेबसाइट्स और खतरनाक लिंक को पहचानकर ऑटोमैटिक तरीके से ब्लॉक करता है। साथ ही यूजर्स को फिशिंग और डेटा चोरी जैसी गतिविधियों से भी सतर्क करता है।
इसके अलावा यह फीचर संदिग्ध कॉल और स्कैम मैसेज की पहचान कर उन्हें ब्लॉक करने में सक्षम है। गूगल का दावा है कि इससे डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी जैसे मामलों में कमी आएगी। एडवांस प्रोटेक्शन चालू होने पर फोन 2G नेटवर्क से भी कनेक्ट नहीं होगा, क्योंकि इसे कम सुरक्षित माना जाता है। ऐसे करें फीचर ऑन
एडवांस प्रोटेक्शन इनेबल करने के लिए यूजर्स को फोन की Settings में जाना होगा। इसके बाद Security & Privacy सेक्शन में जाकर Other Settings के अंदर Advanced Protection विकल्प चुनना होगा। फिर Device Protection पर टैप करके “Turn On” विकल्प सेलेक्ट करना होगा। इसके बाद फोन रीस्टार्ट होकर फीचर सक्रिय कर देगा।
फीचर बंद करने का तरीका
अगर यूजर इस फीचर को बंद करना चाहते हैं तो उन्हें Settings में जाकर Advanced Protection सेक्शन खोलना होगा। वहां Device Protection को ऑफ करना होगा। इसके बाद बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन या सिक्योरिटी पिन दर्ज करना पड़ेगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद फोन रीस्टार्ट हो सकता है।