अयोध्या में राम मंदिर परिसर का निर्माण कार्य पूरा, अगले सप्ताह ट्रस्ट को सौंपा जाएगा 732 मीटर लंबा 'परकोटा'
Ram Janmabhoomi Temple परिसर में निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। मंदिरों की फिनिशिंग और साफ-सफाई पूरी हो चुकी है। ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 30 Mar 2026 05:36:03 PM (IST)Updated Date: Mon, 30 Mar 2026 05:36:03 PM (IST)
राम मंदिर परिसर का निर्माण कार्य पूराHighLights
- रामजन्मभूमि परिसर में निर्माण और फिनिशिंग कार्य पूरा
- परकोटा जल्द ट्रस्ट को होगा हस्तांतरित
- पूरक मंदिरों में दर्शन शुरू होने की राह साफ
डिजिटल डेस्क। Ram Janmabhoomi Temple परिसर में निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। मंदिरों की फिनिशिंग और साफ-सफाई पूरी हो चुकी है, वहीं परकोटे (चहारदीवारी) का काम भी लगभग समाप्त हो गया है। निर्माण एजेंसी Larsen & Toubro (एलएंडटी) इसे जल्द ही Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust को सौंपने की तैयारी में है।
जल्द शुरू होंगे पूरक मंदिरों के दर्शन
परकोटे का काम पूरा होने के बाद उसके भीतर बने पूरक मंदिरों में दर्शन शुरू करने की राह साफ हो गई है। अभी तक निर्माण कार्य के चलते यहां श्रद्धालुओं की एंट्री सीमित थी, लेकिन हैंडओवर के बाद यह बाधा खत्म हो जाएगी।
8 एकड़ में बना 732 मीटर लंबा परकोटा
ट्रस्ट की ओर से राम मंदिर के चारों तरफ करीब 8 एकड़ क्षेत्र में 732 मीटर लंबा परकोटा तैयार कराया गया है। इसी परकोटे के भीतर अलग-अलग स्थानों पर छह पूरक मंदिर बनाए गए हैं, जबकि परिसर के अन्य हिस्सों में भी कई धार्मिक संरचनाएं विकसित की गई हैं।
18 मंदिर पहले ही हो चुके हैं हस्तांतरित
परिसर में बने कुल 18 मंदिर पहले ही ट्रस्ट को सौंपे जा चुके हैं। इनमें भूतल पर रामलला और प्रथम तल पर राम परिवार का गर्भगृह, सात पूरक मंदिर (शिव, गणेश, सूर्य, दुर्गा, अन्नपूर्णा, हनुमान और शेषावतार), सप्तर्षि मंदिर, कुबेरेश्वर महादेव मंदिर और संत तुलसीदास मंदिर शामिल हैं।
प्राण प्रतिष्ठा और ध्वजारोहण पहले हो चुका
इन मंदिरों में प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा पिछले वर्ष 5 जून को मुख्यमंत्री Yogi Adityanath द्वारा की गई थी। इसके बाद 25 नवंबर को प्रधानमंत्री Narendra Modi ने ध्वजारोहण भी किया था, हालांकि उस समय परकोटे का कार्य अधूरा था।
अब खत्म हुई अंतिम बाधा
एलएंडटी के परियोजना निदेशक विनोद कुमार मेहता के अनुसार, परकोटे का पूरा काम खत्म हो चुका है और अगले सप्ताह तक इसे ट्रस्ट को सौंप दिया जाएगा। इसके साथ ही पूरक मंदिरों में दर्शन शुरू करने का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा।
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