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    जनाधार रखने वाले प्रत्याशियों की तलाश में जुटी बसपा, दावेदारों की कई स्तरों पर होगी स्क्रीनिंग, फीडबैक के बाद फैसला

    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बसपा अब हर विधानसभा सीट पर मजबूत पकड़ और जनाधार रखने वाले संभावित प्रत्याशियों की तलाश में जुट गई है।

    By Digital DeskEdited By: manoj dubey
    Publish Date: Wed, 27 May 2026 03:19:19 PM (IST)Updated Date: Wed, 27 May 2026 03:20:34 PM (IST)
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    जनाधार रखने वाले प्रत्याशियों की तलाश में जुटी बसपा, दावेदारों की कई स्तरों पर होगी स्क्रीनिंग, फीडबैक के बाद फैसला
    बसपा प्रमुख मायावती। फाइल फोटो

    HighLights

    1. बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने पर जोर
    2. चुनावी रणनीति पर काम शुरू करने के निर्देश
    3. चयन में कई मानकों को प्राथमिकता दी जाएगी

    डिजिटल डेस्क, गोरखपुर। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपनी संगठनात्मक और राजनीतिक तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी अब हर विधानसभा सीट पर मजबूत पकड़ और जनाधार रखने वाले संभावित प्रत्याशियों की तलाश में जुट गई है।

    जिलों और मंडलों में सक्रिय पदाधिकारी ऐसे चेहरों को चिन्हित कर रहे हैं, जो चुनावी मैदान में पार्टी को मजबूती दे सकें।

    अंतिम फैसला विस्तृत स्क्रीनिंग और फीडबैक के बाद

    सूत्रों के मुताबिक, कई इच्छुक नेताओं और कार्यकर्ताओं ने वरिष्ठ पदाधिकारियों के सामने अपनी दावेदारी भी पेश की है। हालांकि पार्टी नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि टिकट का अंतिम फैसला विस्तृत स्क्रीनिंग और फीडबैक के बाद ही लिया जाएगा।


    बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने पर जोर

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर समेत पूर्वांचल के कई जिलों में बसपा की गतिविधियां तेज हो गई हैं। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बाद पार्टी ने बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने पर जोर दिया है।

    पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर विधानसभा क्षेत्र में वोट बैंक को मजबूत करने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं से लगातार संपर्क बनाए रखें। इसके अलावा पार्टी अनुसूचित जाति से जुड़े मामलों और सामाजिक घटनाओं पर भी नजर बनाए हुए है। किसी घटना की सूचना मिलने पर पदाधिकारी पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर जमीनी फीडबैक जुटा रहे हैं।

    चुनावी रणनीति पर काम शुरू करने के निर्देश

    हाल ही में 24 मई को लखनऊ में आयोजित बैठक में बसपा सुप्रीमो मायावती ने संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय रखने और अभी से चुनावी रणनीति पर काम शुरू करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद मंडल और जिला स्तर पर बैठकों का दौर तेज हो गया है। इसी कड़ी में बुधवार को सहजनवा में मंडलस्तरीय बैठक आयोजित की जा रही है।

    चयन में कई मानकों को प्राथमिकता दी जाएगी

    पार्टी से जुड़े नेताओं का कहना है कि इस बार प्रत्याशी चयन में कई मानकों को प्राथमिकता दी जाएगी। जातीय समीकरण, क्षेत्रीय सक्रियता, जनसंपर्क, संगठन से जुड़ाव और स्थानीय प्रभाव जैसे पहलुओं का गहन आकलन किया जाएगा। बसपा ऐसे उम्मीदवारों को आगे लाना चाहती है, जिनकी जनता के बीच मजबूत पहचान हो और जो विभिन्न वर्गों में स्वीकार्यता रखते हों।

    यह भी पढ़ें- पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच उत्तर प्रदेश में ओबीसी आरक्षण के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी

    दावेदारों की कई स्तरों पर स्क्रीनिंग होगी

    सूत्रों के अनुसार, संभावित दावेदारों की कई स्तरों पर स्क्रीनिंग होगी। संगठन की रिपोर्ट, क्षेत्रीय फीडबैक और पिछले चुनावों में प्रदर्शन के आधार पर टिकट तय किए जाने की संभावना है। पार्टी पुराने समर्पित कार्यकर्ताओं के साथ-साथ नए और युवा चेहरों पर भी नजर बनाए हुए है।

    फिलहाल बसपा की रणनीति शांत रहकर संगठन को मजबूत करने और हर विधानसभा क्षेत्र के राजनीतिक समीकरण को समझने की है। माना जा रहा है कि पार्टी इस बार टिकट वितरण में कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहती, ताकि मैदान में ऐसे प्रत्याशी उतारे जा सकें जो पार्टी को चुनावी मुकाबले में मजबूत स्थिति दिला सकें।