राहुल गांधी के मनुस्मृति वाले बयान पर संतों में नाराजगी, दंडी संन्यासियों ने बहिष्कार का लिया फैसला
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के पिछले माह पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में मनुस्मृति को लेकर दिए गए बयान पर धर्माचार्यों की ना...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 02 Sep 2026 03:18:39 PM (IST)Updated Date: Wed, 02 Sep 2026 03:19:01 PM (IST)
HighLights
- दंडी संन्यासियों ने किया बहिष्कार का निर्णय
- परिवार के सदस्यों के बहिष्कार की भी बात
- माघ मेले में होगी बैठक, पारित होगा प्रस्ताव
डिजिटल डेस्क, प्रयागराज। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के पिछले माह पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में मनुस्मृति को लेकर दिए गए बयान पर धर्माचार्यों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। राहुल गांधी ने कार्यक्रम में कहा था कि 'महिलाओं को दबाने का माइंडसेट मनुस्मृति से आता है।' उनके इस बयान को लेकर अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद ने कड़ी आपत्ति जताई है।
अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के संरक्षक और सनातन ज्ञान पीठाधीश्वर जगदगुरु स्वामी महेशाश्रम ने राहुल गांधी के बयान को निंदनीय और अक्षम्य बताया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हिंदुओं को आकर्षित करने के लिए स्वयं को ब्राह्मण बताते हैं, लेकिन हर मौके पर सनातन धर्म, उसकी परंपराओं और ग्रंथों का अपमान करते हैं।
दंडी संन्यासियों ने किया बहिष्कार का निर्णय
जगदगुरु स्वामी महेशाश्रम के अनुसार दंडी संन्यासियों ने आपसी सहमति से राहुल गांधी के बहिष्कार का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपना बयान वापस लेकर क्षमा मांगनी चाहिए। यदि वह ऐसा नहीं करते हैं तो उनका धार्मिक रूप से बहिष्कार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि दंडी संन्यासी राहुल गांधी को किसी भी धार्मिक अनुष्ठान में आमंत्रित नहीं करेंगे। साथ ही यदि राहुल गांधी की ओर से उन्हें किसी कार्यक्रम में बुलाया जाता है तो वे वहां भी शामिल नहीं होंगे।
परिवार के सदस्यों के बहिष्कार की भी बात
स्वामी महेशाश्रम ने कहा कि राहुल गांधी के साथ उनकी मां, बहन समेत परिवार के सभी सदस्यों का भी बहिष्कार किया जाएगा। उनका कहना है कि राहुल गांधी के कथित कृत्य में परिवार के सदस्य अपरोक्ष रूप से भागीदार हैं और किसी ने उन्हें रोकने का प्रयास नहीं किया।
माघ मेले में होगी बैठक, पारित होगा प्रस्ताव
उन्होंने बताया कि जनवरी 2027 में प्रयागराज में होने वाले माघ मेले के दौरान दंडी संन्यासियों की बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में राहुल गांधी के बहिष्कार को लेकर प्रस्ताव पारित किया जाएगा। इसके बाद बहिष्कार की विधिवत घोषणा की जाएगी।
इस बयान के बाद राहुल गांधी की मनुस्मृति संबंधी टिप्पणी को लेकर संत समाज और कांग्रेस नेता के बीच विवाद और बढ़ने के संकेत हैं।