“मैं सुपरह्यूमन नहीं, जो 24x7 काम कर सकूं…” वाराणसी के सिपाही का इस्तीफा वायरल, पुलिस महकमे में मची खलबली
रामनगर थाने के सिपाही देवगन चौहान ने काम के दबाव और लगातार ड्यूटी से परेशान होकर व्हाट्सएप ग्रुप में इस्तीफा भेज दिया। अधिकारियों की समझाइश के बाद इस्...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 08 Sep 2026 03:23:47 PM (IST)Updated Date: Tue, 08 Sep 2026 03:23:47 PM (IST)
वाराणसी के सिपाही का इस्तीफा वायरल। (एआई जनरेटेड)HighLights
- सिपाही ने काम के दबाव से परेशान होकर इस्तीफा भेजा।
- ट्रॉमा सेंटर में लगातार ड्यूटी से सिपाही परेशान था।
- सिपाही ने ड्यूटी बांटने में पक्षपात के आरोप लगाए।
डिजिटल डेस्क। रामनगर थाने के एक सिपाही का व्हाट्सएप ग्रुप में भेजा गया इस्तीफा पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बन गया है। वह इसमें लिखते हैं कि मेरे अंदर विशिष्ट मानवों (सुपरह्यूमन) जैसी शक्तियां नहीं हैं... मैं 24 घंटे और सातों दिन काम नहीं कर सकता। इस तल्ख टिप्पणी के साथ सिपाही ने अपना इस्तीफा वरिष्ठ अधिकारियों वाले ऑफिशियल ग्रुप में डाल दिया।
पत्र सामने आते ही विभाग में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस अधिकारियों ने सिपाही की काउंसलिंग कर इस्तीफा नामंजूर कर दिया गया।
ट्रॉमा सेंटर की लगातार ड्यूटी से टूट गया था सब्र
- रामनगर थाने में तैनात आरक्षी देवगन चौहान पिछले कुछ समय से काम के भारी दबाव से गुजर रहे थे। जानकारी के मुताबिक, ट्रॉमा सेंटर में इलाज करा रहे एक मरीज के साथ उनकी लगातार ड्यूटी लगाई जा रही थी।
- बिना आराम के लगातार काम करने की वजह से वे मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गए थे। इसी झुंझलाहट और तनाव में आकर उन्होंने स्वेच्छा से कार्यमुक्त होने का निर्णय लिया और अपना इस्तीफा ग्रुप में पोस्ट कर दिया।
ड्यूटी में पक्षपात, 'दीवान' पर लगे गंभीर आरोप
- इस पूरे मामले में थाने के अंदर ड्यूटी को बांटने की प्रोसेस में पक्षपात जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। सिपाही देवगन चौहान ने थाने के एक दीवान पर पक्षपात और अनियमितता बरतने का खुला आरोप लगाया।
- उन्होंने कहा कि दीवान अपने चहेते सिपाहियों को तो आराम करने का मौका देते हैं, लेकिन बाकी जवानों को दिन-रात लगातार ड्यूटी पर झोंक दिया जाता है। काम के इसी असमान बंटवारे से वो काफी परेशान हो गए।
अधिकारियों की समझाइश के बाद वापस लिया इस्तीफा
- व्हाट्सएप ग्रुप में इस्तीफा गिरते ही वरिष्ठ अधिकारी तुरंत हरकत में आ गए। उन्होंने सिपाही को बुलाकर समझाया, जिसके बाद सिपाही ने ग्रुप से अपना पत्र डिलीट कर दिया। हालांकि, तब तक किसी सदस्य ने उसे सेव कर लिया था। उसके बाद यह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
- एसीपी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि सिपाही रात की ड्यूटी के बाद गया था और सुबह उसे फिर मरीज को अस्पताल ले जाना था। कुछ घरेलू कारणों से भी वह तनाव में था। इसी आवेग में आकर उसने नौकरी छोड़ने की बात लिख दी थी, लेकिन बाद में उसने खुद संपर्क कर स्वेच्छा से काम जारी रखने की इच्छा जताई है।