कानपुर में बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा, फर्जी फर्मों के जरिए 1600 करोड़ का फर्जीवाड़ा, दो आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार
उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ है। फर्जी फर्मों के जरिए करीब 1600 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन का मामला सामने आया है। ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 04 May 2026 03:10:27 PM (IST)Updated Date: Mon, 04 May 2026 03:11:32 PM (IST)
आरोपित महताब आलम और उसका बेटा मासूम।HighLights
- फर्जी कंपनियों के जरिए खोले गए 68 खाते
- खातों के जरिए 1600 करोड़ का लेनदेन हुआ
- ऑडियो क्लिप और लोकेशन से मिले सुराग
नईदुनिया न्यूज नेटवर्क, कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसमें फर्जी फर्मों के जरिए करीब 1600 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन का मामला सामने आया है।
इस मामले में जाजमऊ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कथित मास्टरमाइंड महफूज आलम के साले महताब आलम और उसके बेटे मासूम को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, मुख्य आरोपी महफूज आलम अब भी फरार है।
फर्जी कंपनियों के जरिए खोले गए 68 खाते
डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता के अनुसार, जाजमऊ स्थित जेके कॉलोनी निवासी महफूज आलम उर्फ “पप्पू छूरी वाला” ने अपने परिवार और सहयोगियों के साथ मिलकर बीमा और अन्य योजनाओं का झांसा देकर लोगों से दस्तावेज हासिल किए। इन दस्तावेजों के आधार पर फर्जी फर्म बनाकर आईडीबीआई और एचडीएफसी सहित 12 बैंकों में कुल 68 खाते खोले गए।
खातों के जरिए 1600 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ
इन खातों में महफूज के परिवार के सदस्य पत्नी शायदा, बेटा फैज, बेटी एनम, भाई मिशब के अलावा साला महताब और उसका बेटा मासूम समेत कई अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि करीब ढाई साल में इन खातों के जरिए 1600 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ।
जांच में सामने आए बड़े लेनदेन
पुलिस जांच में कई फर्जी फर्मों के खातों में भारी रकम के ट्रांजैक्शन सामने आए हैं।
- आरती इंटरप्राइजेज के खाते में लगभग 100 करोड़ रुपये का लेनदेन
- राजा इंटरप्राइजेज में 64.44 करोड़ रुपये
- कासिफ के नाम से बनी फर्म में 68.21 करोड़ रुपये
- अलफिशा के नाम से बनी फर्म में 133 करोड़ रुपये
जांच में यह भी सामने आया कि जिन लोगों के नाम पर ये फर्में बनाई गईं, वे आर्थिक रूप से कमजोर हैं और उन्हें बीमा के नाम पर धोखे से अपने दस्तावेज देने के लिए राजी किया गया।
ऑडियो क्लिप और लोकेशन से मिले सुराग
हाल ही में महफूज आलम और उसके कथित सहयोगियों के बीच हुई वॉट्सएप कॉल की ऑडियो क्लिप भी सामने आई है, जिसमें मामले को दबाने और देश के विभिन्न हिस्सों में घूमने की चर्चा की गई है। पुलिस के अनुसार, महफूज की आखिरी लोकेशन कोलकाता में मिली थी।
करीब 8 करोड़ की संपत्ति का पता चला
जांच में महफूज और उसके साले महताब के नाम पर एमराल्ड गार्डन इलाके में करीब 8 करोड़ रुपये की संपत्ति का भी पता चला है। गिरफ्तार आरोपी महताब और उसके बेटे मासूम को जेल भेजा जा रहा है, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश जारी है।