
डिजिटल डेस्क, कानपुर। देशभर की 41 आयुध निर्माणियों (Ordnance Factory) में कार्यरत कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से लंबित ओवरटाइम एरियर के भुगतान का रास्ता साफ हो गया है।
भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (बीपीएमएस) ने दावा किया है कि उसके लगातार प्रयासों और संघर्ष के बाद रक्षा मंत्रालय के आयुध उत्पादन विभाग ने ओवरटाइम एरियर के भुगतान संबंधी औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
बीपीएमएस के कार्यकारी अध्यक्ष मुकेश सिंह ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि यह फैसला आयुध निर्माणी कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग की बड़ी जीत है। उनके अनुसार, रक्षा मंत्रालय के आयुध उत्पादन विभाग ने फैक्ट्रीज एक्ट, 1948 की धारा 59 के प्रावधानों के तहत ओवरटाइम मजदूरी और बकाया एरियर के भुगतान के निर्देश जारी किए हैं।
आयुध समन्वय सेवाओं के जेसीएम तृतीय सदस्य एवं सचिव साधु सिंह ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि कर्मचारियों की यह सफलता वर्षों से चल रहे शांतिपूर्ण और संगठित आंदोलन का परिणाम है। उन्होंने बताया कि कर्मचारी लंबे समय से ओवरटाइम की गणना में 'ऑर्डिनरी रेट ऑफ वेजेज' का सही निर्धारण करने तथा उसमें महंगाई भत्ता सहित अन्य स्वीकृत भत्तों को शामिल किए जाने की मांग कर रहे थे।
इस मामले में 20 जनवरी 2026 को सर्वोच्च न्यायालय ने 'भारत संघ बनाम हैवी व्हीकल्स फैक्ट्री एम्प्लाइज यूनियन' प्रकरण में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया था। न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि ओवरटाइम भुगतान की गणना करते समय मूल वेतन के साथ उन सभी भत्तों को भी शामिल किया जाएगा, जिनके कर्मचारी विधिक रूप से हकदार हैं।
बीपीएमएस के मीडिया प्रभारी शिवेन्द्र सागर शर्मा ने कहा कि विभाग द्वारा जारी आदेश कर्मचारियों के आर्थिक हितों की रक्षा करने के साथ-साथ फैक्ट्री कानून के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में अहम कदम है। उन्होंने बताया कि यह आदेश सभी आयुध निर्माणियों के कार्यकारी निदेशकों और महाप्रबंधकों को भेज दिया गया है, ताकि पात्र कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों को जल्द से जल्द ओवरटाइम एरियर का लाभ मिल सके।