
डिजिटल डेस्क, कानपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के विकास को लेकर बड़ा विजन पेश करते हुए कहा कि आने वाले समय में लखनऊ, उन्नाव और कानपुर के बीच कनेक्टिविटी को नई पहचान मिलेगी।
इसके तहत लखनऊ-उन्नाव-कानपुर कॉरिडोर में रैपिड रेल चलाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। साथ ही पूरे क्षेत्र को जोड़ने के लिए आउटर रिंग रोड का भी निर्माण कराया जाएगा।
उन्नाव में 570 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 101 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्नाव अब स्टेट कैपिटल रीजन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। उन्होंने कहा कि जिस तरह देश की पहली रैपिड रेल दिल्ली से मेरठ के बीच संचालित हो रही है, उसी तर्ज पर लखनऊ से उन्नाव होते हुए कानपुर तक रैपिड रेल चलाने की योजना बनाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित रिंग रोड के जरिए लखनऊ, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, बाराबंकी और रायबरेली जैसे जिले आपस में बेहतर ढंग से जुड़ेंगे। इससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी और सभी जिलों की समान भागीदारी सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र और नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में डबल इंजन सरकार ने जो विकास कार्य किए हैं, वे कांग्रेस और सपा की सरकारें नहीं कर सकीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारें गरीबों और आम जनता के बजाय केवल अपने परिवारों के हितों तक सीमित रहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा नेहरू-गांधी परिवार की राजनीति की, जबकि समाजवादी पार्टी की राजनीति एक परिवार तक सिमटी रही। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता अब ऐसी राजनीति को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है और आने वाले चुनावों में भी इसका जवाब देगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के पहले सप्ताह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का लोकार्पण कर सकते हैं। इस दौरान कई अन्य विकास परियोजनाओं का भी जनता को समर्पण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने गोवंश संरक्षण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार गोमाता की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने लोगों से अपील की कि पशुओं को बेसहारा छोड़ने की प्रवृत्ति से बचें।
इसके साथ ही उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात कही और बताया कि प्रदेश के 34 जिलों में जहरमुक्त प्राकृतिक खेती की पहल किसानों की आय और भविष्य बदलने का माध्यम बनेगी। उन्होंने इसे जन आंदोलन का रूप देने का आह्वान किया।
उधर, कानपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने एचबीटीयू परिसर स्थित संयुक्त आयुक्त कार्यालय के उद्योग सभागार में लोक निर्माण विभाग (PWD) की समीक्षा बैठक भी की। बैठक में कानपुर मंडल के जनप्रतिनिधियों के साथ विकास प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोक निर्माण विभाग की सड़कों को क्षति पहुंचाने वाले व्यक्तियों या संस्थाओं से क्षतिपूर्ति की वसूली सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सड़क निर्माण और रखरखाव की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।