यूपी में किसानों को बड़ी सौगात, अब 70% तक कम चमक वाला गेहूं भी MSP पर खरीदेगी सरकार
मौसम बारिश और मौसम की प्रतिकूल मार झेल रहे गेहूं किसानों के लिए केंद्र सरकार ने राहत का बड़ा एलान किया है। अब किसान क्रय केंद्रों पर ऐसा गेहूं भी बेच स ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 23 Apr 2026 04:08:17 PM (IST)Updated Date: Thu, 23 Apr 2026 04:08:17 PM (IST)
यूपी में गेहूं किसानों को बड़ी राहतHighLights
- यूपी में मौसम की मार झेल रहे गेहूं किसानों को बड़ी राहत
- अब कम चमक वाली फसल भी खरीदेगी सरकार
- 20% तक सिकुड़ा अनाज भी सरकार मंजूर करेगा
डिजिटल डेस्क। बेमौसम बारिश और मौसम की प्रतिकूल मार झेल रहे गेहूं किसानों के लिए केंद्र सरकार ने राहत का बड़ा एलान किया है। फसल खराब होने के कारण न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ पाने में असमर्थ किसानों को राहत देते हुए सरकार ने खरीद के मानकों में ढील दी है।
रबी विपणन सीजन 2026-27 के तहत, अब किसान क्रय केंद्रों पर ऐसा गेहूं भी बेच सकेंगे जिसकी चमक 70 प्रतिशत तक कम हो गई है। इसके अतिरिक्त, दाने के टूटने और सिकुड़ने की सीमा को 6% से बढ़ाकर 20% कर दिया गया है। गौरतलब है कि बेमौसम बारिश के कारण गेहूं की चमक खो गई थी और दाने सिकुड़ गए थे, जिससे किसान 2585 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मिलने वाले MSP से वंचित हो रहे थे।
अलग से किया जाएगा गेहूं का स्टॉक
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि मानकों में छूट के तहत खरीदे गए गेहूं को अलग से स्टॉक किया जाएगा और इसका उपयोग केवल राज्य के भीतर ही होगा। इस स्टॉक की गुणवत्ता की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। इस रियायत से प्रदेश में अब तक सुस्त पड़ी गेहूं खरीद की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है। किसानों की सुविधा के लिए खाद्य एवं रसद विभाग ने पंजीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया को भी लचीला बनाया है।
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प्रमुख सचिव रणवीर प्रसाद के निर्देशों के अनुसार यदि चकबंदी या राजस्व विभाग द्वारा भूमि का सत्यापन लंबित है, तब भी खरीद नहीं रोकी जाएगी। क्रय केंद्र प्रभारी अब किसान द्वारा दिए गए दस्तावेजों (कंप्यूटरीकृत खतौनी, खसरा, पहचान पत्र आदि) का मिलान कर सीधे खरीद सुनिश्चित कर सकेंगे।
इस फैसले से उन हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा जिनकी फसल प्राकृतिक आपदा के कारण प्रभावित हुई थी। अब वे बिना किसी तकनीकी बाधा के अपनी उपज सरकारी केंद्रों पर बेच सकेंगे।