
नईदुनिया न्यूज नेटवर्क, लखनऊ। अखिलेश यादव ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024 से जुड़े पोस्टर का जिक्र करते हुए भाजपा पर 'चुनाव मैनेज करने' का आरोप लगाया।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी लंबे समय से यह आरोप लगाती रही है कि भाजपा चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की रणनीति अपनाती है। उनके अनुसार, मतगणना प्रक्रिया के दौरान पहले से ही माहौल और धारणा (नैरेटिव) तैयार कर ली जाती है, जिससे परिणामों को लेकर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया जाता है।
उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजों का हवाला देते हुए कहा कि 'मतगणना नहीं, बल्कि मनगणना होती है।' अखिलेश यादव का दावा था कि काउंटिंग प्रक्रिया के दौरान शुरुआती रुझानों के जरिए एक खास दिशा में माहौल बनाया जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अदालत की कार्यवाही का लाइव प्रसारण संभव है, तो मतगणना की लाइव स्ट्रीमिंग क्यों नहीं की जा सकती।
सपा प्रमुख ने उत्तर प्रदेश के कुंदरकी विधानसभा उपचुनाव का जिक्र करते हुए इसे “वोट की डकैती” करार दिया और भाजपा पर प्रशासनिक तंत्र के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने इसे '10 नंबरी मॉडल' बताते हुए कहा कि इस तरीके से चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल के हालिया चुनावी अनुभवों की तुलना उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 से करते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान केंद्रीय बलों की मौजूदगी में सपा कार्यकर्ताओं को पोलिंग और काउंटिंग केंद्रों से बाहर कर दिया गया, जिससे परिणाम प्रभावित हुए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए 2024 के लोकसभा चुनाव के समय की रणनीति को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उस वक्त कार्यकर्ताओं से 'करो या मरो' का आह्वान किया गया था, ताकि वे बड़ी संख्या में पहुंचकर अपने वोट और परिणाम की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।
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अखिलेश यादव ने पार्टी के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समर्थकों का आभार जताया। इस दौरान उन्होंने एक तस्वीर का जिक्र किया, जिसमें कुछ महिलाएं कथित तौर पर हथियार के सामने खड़ी दिखाई दे रही थीं। उन्होंने उन महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने लोकतंत्र और अपने मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए साहस दिखाया।
साथ ही उन्होंने बताया कि ऐसे परिवारों की आर्थिक मदद भी की गई। सपा प्रमुख के इन आरोपों पर फिलहाल भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।