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इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: रोकी पेंशन-ग्रेच्युटी बहाल करने का आदेश, 7% ब्याज भी मिलेगा

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मैनपुरी निवासी कुंवर सिंह को बड़ी राहत देते हुए उनकी पेंशन और ग्रेच्युटी बहाल करने का आदेश दिया है।

By Digital DeskEdited By: manoj dubey
Publish Date: Fri, 21 Aug 2026 03:51:36 PM (IST)Updated Date: Fri, 21 Aug 2026 03:55:18 PM (IST)
इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: रोकी पेंशन-ग्रेच्युटी बहाल करने का आदेश, 7% ब्याज भी मिलेगा

HighLights

  1. याची को विवेचना में क्लीनचिट मिल चुकी है
  2. फाइनल रिपोर्ट का रिकॉर्ड भी नहीं मिला
  3. पेंशन और ग्रेच्युटी अनिश्चितकाल तक रोकना उचित नहीं

डिजिटल डेस्क, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मैनपुरी निवासी कुंवर सिंह को बड़ी राहत देते हुए उनकी पेंशन और ग्रेच्युटी बहाल करने का आदेश दिया है। पिछले करीब सात वर्षों से दोनों का भुगतान रोका गया था।

कोर्ट ने संबंधित विभाग को निर्देश दिया है कि आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने के छह सप्ताह के भीतर पेंशन और ग्रेच्युटी की राशि का भुगतान किया जाए। इसके साथ ही सेवानिवृत्ति की तारीख से वास्तविक भुगतान तक सात प्रतिशत साधारण ब्याज भी देना होगा।

याची को विवेचना में क्लीनचिट मिल चुकी है

यह आदेश न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम ने कुंवर सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। कोर्ट ने कहा कि संबंधित आपराधिक मामले में पुलिस पहले ही अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर चुकी है और याची को विवेचना में क्लीनचिट मिल चुकी है। ऐसे में केवल आपराधिक मामले का हवाला देकर पेंशन और ग्रेच्युटी को अनिश्चितकाल तक रोकना उचित नहीं है।


2003 में दर्ज हुई थी एफआईआर

याची के अधिवक्ता बीएन सिंह राठौर के अनुसार, कुंवर सिंह के खिलाफ वर्ष 2003 में भारतीय दंड संहिता की धारा 409 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी करने के बाद 18 जून 2003 को अंतिम रिपोर्ट दाखिल की थी। इस रिपोर्ट में याची को दोषमुक्त बताया गया था।

इसके बावजूद 16 सितंबर 2019 के आदेश के जरिए उनकी पेंशन और ग्रेच्युटी रोक दी गई। विभाग की ओर से कहा गया था कि आपराधिक मामले का अंतिम निपटारा होने के बाद ही ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाएगा।

फाइनल रिपोर्ट का रिकॉर्ड भी नहीं मिला

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया जा सका कि पुलिस की अंतिम रिपोर्ट के खिलाफ कोई प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल की गई थी या नहीं। यह भी स्पष्ट नहीं हुआ कि यदि ऐसी कोई याचिका दाखिल हुई थी तो अदालत ने उसका क्या फैसला किया।

वहीं, थाना कोतवाली मैनपुरी के प्रभारी निरीक्षक ने 27 मार्च के पत्र में बताया कि संबंधित आपराधिक मामले का रिकॉर्ड अदालत में उपलब्ध नहीं हो पा रहा है और उसे तलाशने का प्रयास किया जा रहा है। फाइनल रिपोर्ट स्वीकार हुई थी या खारिज, इसकी जानकारी भी संबंधित विभाग को नहीं दी गई थी।

छह सप्ताह में भुगतान का निर्देश

मामले के तथ्यों पर विचार करने के बाद हाई कोर्ट ने संबंधित विभाग को कुंवर सिंह की पेंशन और ग्रेच्युटी का भुगतान छह सप्ताह के भीतर करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि सेवानिवृत्ति की तारीख से वास्तविक भुगतान होने तक की अवधि के लिए 7 प्रतिशत साधारण ब्याज भी दिया जाए। इस आदेश से लंबे समय से पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ का इंतजार कर रहे याची को बड़ी राहत मिली है।

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