
डिजिटल डेस्क, अमरोहा। अमरोहा में तीन बहनों द्वारा एक ही युवक से शादी करने का दावा सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। इंटरनेट मीडिया पर वीडियो और व्लॉग सामने आने के बाद पुलिस भी सक्रिय हो गई। पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव के निर्देश पर हसनपुर थाना प्रभारी को बहनों के घर भेजा गया। इसकी जानकारी मिलने पर दोनों सगी बहनें और उनकी मौसेरी बहन अपने पति के साथ पहले हसनपुर थाने और फिर क्षेत्राधिकारी पंकज कुमार त्यागी के कार्यालय पहुंचीं।
पुलिस के सामने तीनों युवतियों ने खुद को बालिग बताते हुए कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से शादी की है। पुलिस ने तीनों के मोबाइल नंबर और अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज करने के बाद उन्हें जाने दिया। हालांकि, अब पुलिस उनकी वास्तविक उम्र का सत्यापन करने में जुटी है। मामले में किसी भी पक्ष की ओर से थाने में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

युवतियों के स्वजन ने पुलिस के सामने इस विवाह को स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना है कि यदि यह केवल वीडियो बनाने के उद्देश्य से किया गया था तो बेटियों के लिए घर के दरवाजे खुले हैं। लेकिन यदि उन्होंने वास्तव में इस तरह का विवाह किया है तो परिवार का उनसे कोई संबंध नहीं रहेगा।
जानकारी के अनुसार, हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गंगा तटबंध किनारे स्थित एक गांव की रहने वाली दो सगी बहनें क्रमशः बीए और इंटर की पढ़ाई कर रही हैं। उनकी मौसेरी बहन ने इसी वर्ष इंटरमीडिएट पास किया है। तीनों करीब तीन वर्षों से 'एके-1990' नाम से यूट्यूब चैनल संचालित कर रही हैं। जिस युवक के साथ शादी का दावा किया गया है, वह उनके चैनल का कैमरामैन है और इंटर पास करने के बाद बीए-एलएलबी की तैयारी कर रहा है।
बुधवार को जिले के चामुंडा देवी मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से शादी करने का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। वीडियो वायरल होने के बाद विरोध शुरू हुआ तो तीनों बहनों और युवक ने एक व्लॉग जारी किया। इसमें उन्होंने खुद को बालिग बताते हुए स्वेच्छा से साथ रहने और विवाह करने की बात कही।
युवक और युवतियों के स्वजन, दोनों गांवों के लोग, हिंदू संगठन और अधिवक्ताओं का कहना है कि इस प्रकार का विवाह वैध नहीं है। वहीं, दावा किया गया है कि 15 जुलाई को शादी के बाद से तीनों बहनें युवक के साथ हसनपुर और गजरौला में रह रही हैं। गुरुवार को सामने आए एक अन्य वीडियो में तीनों बहनें खुद को बालिग बताते हुए इस विवाह को सनातन धर्म के विरुद्ध नहीं मानने की बात कहती दिखाई दीं और इसके समर्थन में प्राचीन उदाहरण भी प्रस्तुत किए।
15 जुलाई को चामुंडा मंदिर हसनपुर के मुख्य पुजारी सोम शर्मा मंदिर बंद करके बाहर गए हुए थे। उनकी गैर मौजूदगी में तीन युवतियों व एक युवक ने संतोषी माता के मंदिर के सामने बैठकर फेरे लिए हैं। इसमें मंदिर के किसी पुजारी ने शादी संपन्न नहीं कराई है इस तरह का विवाह पूरी तरह से गलत है। मंदिर कमेटी की बैठक में चर्चा करेंगे।
- डाॅ. शिवचरनदास अग्रवाल, प्रबंधक, चामुंडा मंदिर, हसनपुर।