रीवा एक्सप्रेस में आशुतोष ब्रह्मचारी पर हमला, बाथरूम में बंद होकर बचाई जान, नाक काटने की कोशिश
गाजियाबाद से प्रयागराज आ रहे श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण के वादी आशुतोष ब्रह्मचारी पर रविवार तड़के रीवा एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच में जानलेवा हमला हुआ। ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 09 Mar 2026 03:35:27 AM (IST)Updated Date: Mon, 09 Mar 2026 03:37:33 AM (IST)
रीवा एक्सप्रेस में आशुतोष ब्रह्मचारी पर हमलाHighLights
- श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले के वादी पर रीवा एक्सप्रेस में जानलेवा हमला
- रीवा एक्सप्रेस में घटना से खलबली, 20 मिनट शौचालय में छिपे
- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद समेत पांच पर साजिश का लगाया आरोप
डिजिटल डेस्क। गाजियाबाद से प्रयागराज आ रहे श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण के वादी आशुतोष ब्रह्मचारी पर रविवार तड़के रीवा एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच में जानलेवा हमला हुआ। आरोप है कि एक अज्ञात युवक ने उस्तरे से उनकी नाक काटने का प्रयास किया। आशुतोष के अनुसार, उन्होंने शौचालय में छिपकर अपनी जान बचाई और ट्रेन के प्रयागराज पहुंचने पर जीआरपी को सूचना दी।
साजिश का गंभीर आरोप
मीडिया से बातचीत में आशुतोष ब्रह्मचारी ने सनसनीखेज आरोप लगाया कि हमलावर ने उनके गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के चरणों में उनकी कटी हुई नाक रखने की बात कही थी। उन्होंने दावा किया कि अविमुक्तेश्वरानंद के एक शिष्य ने उनकी नाक काटने वाले को 21 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी।
आशुतोष ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, मुकुंदानंद और तीन अन्य के खिलाफ हमले की साजिश रचने की तहरीर दी है। गौरतलब है कि पिछले माह ही आशुतोष की शिकायत पर अविमुक्तेश्वरानंद और अन्य के खिलाफ कुकर्म व धमकी का मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसकी सुनवाई 12 मार्च को हाई कोर्ट में होनी है।
घटनाक्रम और पुलिस कार्रवाई
ब्रह्मचारी के अनुसार, सुबह करीब 5 बजे सिराथू स्टेशन के पास जब वह शौचालय के लिए निकले, तब पीछे से आए युवक ने हमला कर दिया। हमले के बाद वह करीब 20 मिनट तक शौचालय में बंद रहे। जीआरपी ने प्रयागराज जंक्शन पर उन्हें अस्पताल पहुंचाया और सुरक्षा के मद्देनजर सर्किट हाउस में रखा है। जीआरपी ने अज्ञात हमलावर के खिलाफ धारदार हथियार से हमले का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह भी पढ़ें- जेल से रिहा होकर फिर बना कातिल, दमोह में नाबालिग की बेरहमी से हत्या; खून पीने और मांस खाने का वीडियो वायरल
जांच में उलझा मामला
हालांकि, जीआरपी की शुरुआती जांच ने मामले को उलझा दिया है। सूत्रों के अनुसार, फॉरेंसिक टीम को एसी कोच या शौचालय में खून के निशान नहीं मिले हैं। साथ ही, कोच में मौजूद अन्य यात्रियों ने किसी भी प्रकार की चीख-पुकार या शोर सुनने से इनकार किया है।
सिराथू स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज में भी कोई संदिग्ध उतरता हुआ नहीं दिखा है। एसपी जीआरपी प्रशांत वर्मा ने बताया कि सभी साक्ष्यों की वीडियोग्राफी कराई गई है और मामले की गहनता से पड़ताल की जा रही है।