यूपी विधानसभा में शोक प्रस्ताव के दौरान भाजपा विधायक के मोबाइल की बजने लगी घंटी, नाराज स्पीकर ने कराया जब्त
UP Assembly News: बजट सत्र के दूसरे दिन शोक प्रस्ताव के दौरान फतेहपुर सीकरी से भाजपा विधायक चौधरी बाबूलाल का मोबाइल फोन बजने पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 10 Feb 2026 04:08:57 PM (IST)Updated Date: Tue, 10 Feb 2026 04:11:11 PM (IST)
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महानाHighLights
- भाजपा विधायक चौधरी बाबूलाल का मोबाइल फोन बजा
- विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने नाराजगी जताई
- विधायक द्वारा माफी मांगने पर मोबाइल वापस किया
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को बरेली की फरीदपुर सीट से विधायक प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल और सोनभद्र की दुद्धी सीट से विधायक विजय सिंह के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित किया गया। सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी सदस्यों ने दोनों दिवंगत नेताओं के योगदान को याद करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की और कुछ क्षण का मौन रखा।
नेता सदन एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल एक मिलनसार, शिक्षित और जमीन से जुड़े जनप्रतिनिधि थे। उन्होंने समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य किया और अपने क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनके निधन से पार्टी और प्रदेश ने एक कुशल नेता खो दिया है। प्रो. श्याम बिहारी लाल का निधन 2 जनवरी को हुआ था। वे फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र से लगातार दो बार निर्वाचित हुए थे।
शोक प्रस्ताव के दौरान मोबाइल बजने पर कार्रवाई
बजट सत्र के दूसरे दिन शोक प्रस्ताव के दौरान फतेहपुर सीकरी से भाजपा विधायक चौधरी बाबूलाल का मोबाइल फोन बजने पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने नाराजगी जताई। उन्होंने तत्काल सुरक्षा कर्मियों को बुलाकर विधायक का मोबाइल फोन जब्त करा लिया। सदन की कार्यवाही समाप्त होने के बाद विधायक द्वारा माफी मांगे जाने पर अध्यक्ष ने मोबाइल फोन वापस कर दिया।
जनजातीय समाज की सशक्त आवाज के रूप में जाने जाते थे
मुख्यमंत्री ने दुद्धी विधायक विजय सिंह को याद करते हुए कहा कि वे एक वरिष्ठ और अनुभवी जनप्रतिनिधि थे तथा जनजातीय समाज की सशक्त आवाज के रूप में जाने जाते थे। विजय सिंह का निधन 8 जनवरी को हुआ था। वे आठ बार विधायक निर्वाचित हुए और वर्ष 1980 से राजनीति में सक्रिय थे।
मुलायम सिंह यादव के मंत्रिमंडल में वे राज्यमंत्री भी रहे। विभिन्न जन आंदोलनों में भाग लेने के कारण उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि विजय सिंह ने हमेशा जंगल, जमीन और जनहित के अधिकारों को प्राथमिकता दी।
सादगी और सिद्धांतों का प्रतीक बताया
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि प्रो. श्याम बिहारी लाल के निधन से विधानसभा उनके ज्ञान और अनुभव से वंचित हो गई है। उन्होंने विजय सिंह को सादगी और सिद्धांतों का प्रतीक बताते हुए कहा कि वे राजनीतिक दिखावे से दूर रहते थे। पांच बार विधायक चुने जाने के सम्मान समारोह में भाग न लेकर उन्होंने एक मिसाल पेश की थी।
अपूरणीय क्षति बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की
अपना दल के राम निवास वर्मा, रालोद के राजपाल सिंह बालियान, सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर, निषाद पार्टी के अनिल कुमार त्रिपाठी, कांग्रेस की आराधना मिश्रा ‘मोना’ और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के विनोद सरोज ने भी दोनों दिवंगत विधायकों के निधन को अपूरणीय क्षति बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि पूरा सदन शोकाकुल है और सदन की ओर से दोनों परिवारों के प्रति संवेदनाएं प्रेषित की जाएंगी। शोक प्रस्ताव के बाद विधानसभा की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।