डिजिटल डेस्क, लखनऊ। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर लोकभवन में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 12 उत्कृष्ट बुनकरों को संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार से सम्मानित किया।
इस दौरान उन्होंने हथकरघा उद्योग को प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत बताते हुए बुनकरों के कौशल की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए विपक्ष पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला।
'कुछ लोग जीवन भर बच्चे ही बने रहते हैं, बबुआ भी यही करते थे'
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारों की प्राथमिकता प्रदेश का विकास नहीं, बल्कि निजी जीवनशैली तक सीमित थी। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, "कुछ लोग जीवन भर बच्चे ही बने रहते हैं। बबुआ भी यही करते थे।" उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय शासन और विकास की बजाय व्यक्तिगत दिनचर्या पर अधिक ध्यान दिया जाता था।
सीएम योगी ने कहा कि जो लोग दोपहर में उठते थे, शाम तक अपनी निजी गतिविधियों में व्यस्त रहते थे, उनके पास प्रदेश के विकास और जनता की समस्याओं पर विचार करने का समय नहीं था। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में सरकार सुशासन, विकास और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर कार्य कर रही है, जिसका लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहा है।
कानून-व्यवस्था का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए हैं।
चार श्रेणियों में दिए गए संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार
समारोह में मुख्यमंत्री ने चार श्रेणियों में चयनित 12 बुनकरों को संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार प्रदान किए। प्रथम पुरस्कार विजेताओं को एक लाख रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वालों को 50 हजार रुपये तथा तृतीय स्थान पाने वाले बुनकरों को 25 हजार रुपये की सम्मान राशि दी गई।
वाराणसी के बुनकरों का उत्कृष्ट प्रदर्शन देखने को मिला
इस वर्ष भी वाराणसी के बुनकरों का उत्कृष्ट प्रदर्शन देखने को मिला। साड़ी, ब्रोकेड एवं ड्रेस मैटेरियल श्रेणी में चोलापुर के जमालुद्दीन को जामदानी साड़ी के लिए प्रथम पुरस्कार, रामनगर के अनिकेत कुमार मौर्य को द्वितीय तथा आजमगढ़ के मोहम्मद अकमल को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
सूती दरी, वूलन दरी, आसनी एवं दरेट श्रेणी में सीतापुर के अकील अहमद ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कानपुर नगर के मोहम्मद शारिक अंसारी को द्वितीय और बरेली के मुन्ने अली को तृतीय पुरस्कार मिला। बेडशीट, बेड कवर एवं होम फर्निशिंग श्रेणी में बिजनौर के कफील अहमद को प्रथम, बागपत के प्रमोद कुमार को द्वितीय और गोरखपुर के फैजुल हसन अंसारी को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
वहीं स्टोल, स्कार्फ, गमछा एवं अन्य उत्पाद श्रेणी में वाराणसी के प्यारे लाल प्रथम, बाराबंकी की आयशा बानो द्वितीय तथा गोरखपुर के रेहान वसीम तृतीय स्थान पर रहे।
योजनाओं के लाभार्थियों को भी मिली सहायता
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को आर्थिक सहायता भी वितरित की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बुनकरों को आधुनिक तकनीक, बेहतर विपणन सुविधाएं और आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।
उनका कहना था कि हथकरघा उद्योग को नई पहचान देने और पारंपरिक बुनकरी को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए सरकार कई योजनाओं पर प्रभावी ढंग से कार्य कर रही है।