यूपी में MSP पर गेहूं बेचने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य
उत्तर प्रदेश में अब न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं बेचने के लिए फार्मर रजिस्ट्री (किसान पहचान पत्र) अनिवार्य कर दी गई है। ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 09 Apr 2026 02:55:12 PM (IST)Updated Date: Thu, 09 Apr 2026 02:56:32 PM (IST)
HighLights
- केवल इन्हीं किसानों से गेहूं खरीदा जाएगा
- गेहूं बेचकर MSP का लाभ नहीं ले सकेंगे
- किसान पहचान पत्र अनिवार्य रूप से लागू
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अब न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं बेचने के लिए फार्मर रजिस्ट्री (किसान पहचान पत्र) अनिवार्य कर दी गई है। जिन किसानों ने अभी तक अपनी रजिस्ट्री नहीं कराई है, वे सरकारी खरीद केंद्रों पर गेहूं बेचकर MSP का लाभ नहीं ले सकेंगे।
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने खाद्य एवं रसद विभाग तथा कृषि विभाग को निर्देश दिए हैं कि MSP के तहत होने वाली सभी खरीद में किसान पहचान पत्र को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए।
केवल इन्हीं किसानों से गेहूं खरीदा जाएगा
अब केवल उन्हीं किसानों से गेहूं खरीदा जाएगा, जिनकी फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है। राजधानी लखनऊ में कुल 2,04,287 किसानों में से अब तक 1,72,000 किसानों ने रजिस्ट्री कराई है, जबकि 32,287 किसान अभी भी इस प्रक्रिया से वंचित हैं। ऐसे में इन किसानों को MSP का लाभ मिलने में परेशानी हो सकती है।
खरीद केंद्रों पर दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है
जिला कृषि अधिकारी टी.बी. सिंह ने बताया कि शासन के आदेशानुसार सभी किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री जरूरी कर दी गई है। जिन किसानों की रजिस्ट्री पूरी नहीं है, उन्हें खरीद केंद्रों पर दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि विभाग द्वारा लगातार कैंप लगाकर और गांव-गांव जाकर किसानों की रजिस्ट्री कराई जा रही है, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में किसान अभी तक प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं।
किसानों का कहना है कि तकनीकी समस्याएं और जानकारी के अभाव के कारण उन्हें दिक्कत हो रही है। सरोजनीनगर के किसान रामनरेश यादव के अनुसार, ऑनलाइन रजिस्ट्री के दौरान बार-बार सर्वर डाउन हो जाता है, जिससे प्रक्रिया अधूरी रह जाती है।
मौसम की मार से फसलों को नुकसान
इधर, मौसम में अचानक बदलाव के कारण फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए कृषि विभाग सक्रिय हो गया है। जिला कृषि अधिकारी टी.बी. सिंह ने गुरुवार को मोहनलालगंज और गोसाईगंज सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर प्रभावित खेतों का निरीक्षण किया और स्थिति का जायजा लिया।