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गन्ने की नई उन्नत किस्में उत्तर प्रदेश में किसानों को बनाएंगी समृद्ध, इंटरनेशनल ट्रेड शो में किया गया प्रदर्शन

इंटरनेशनल ट्रेड शो में चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग के स्टॉल पर गन्ने की नवीन उन्नत चार किस्मों का प्रदर्शन किया गया है।

By Digital DeskEdited By: manoj dubey
Publish Date: Tue, 29 Sep 2026 04:30:59 PM (IST)Updated Date: Tue, 29 Sep 2026 04:30:59 PM (IST)
गन्ने की नई उन्नत किस्में उत्तर प्रदेश में किसानों को बनाएंगी समृद्ध, इंटरनेशनल ट्रेड शो में किया गया प्रदर्शन

HighLights

  1. नवीन उन्नत चार किस्मों का प्रदर्शन किया गया
  2. उपज क्षमता लगभग 90 से 100 टन प्रति हेक्टेयर
  3. इन किस्मों की एक अन्य खासियत अच्छी पेड़ी क्षमता

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्रेटर नोएडा। इंटरनेशनल ट्रेड शो में चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग के स्टॉल पर गन्ने की नवीन उन्नत चार किस्मों का प्रदर्शन किया गया है।

उत्तर प्रदेश गन्ना अनुसंधान परिषद (UPCSR) द्वारा विकसित इन किस्मों का उद्देश्य प्रदेश में गन्ने की उत्पादकता और चीनी परता बढ़ाने के साथ किसानों की आय में वृद्धि करना तथा लाल सड़न रोग के प्रभाव को कम करना है।

उपज क्षमता लगभग 90 से 100 टन प्रति हेक्टेयर

ट्रेड शो में को.शा. 19231, को.शा. 18231, को.शा. 13235 और को.शा. 17231 किस्मों को प्रदर्शित किया गया है। इन किस्मों की उपज क्षमता लगभग 90 से 100 टन प्रति हेक्टेयर है। इन उन्नत किस्मों में गन्ने के प्रमुख रोग लाल सड़न (रेड रॉट) के प्रति रोगरोधी या प्रतिरोधी प्रवृत्ति भी पाई जाती है।

इसके साथ ही इनमें अंकुरण और शुरुआती बढ़वार अच्छी होती है। मिल में पेराई योग्य गन्नों की संख्या भी अधिक होने से गन्ने की उत्पादकता और चीनी उत्पादन बढ़ने की संभावना रहती है।

इन किस्मों की एक अन्य खासियत अच्छी पेड़ी क्षमता

इन किस्मों की एक अन्य खासियत अच्छी पेड़ी क्षमता है। पेड़ी फसल का बेहतर उत्पादन होने से किसानों को अगली फसल तैयार करने में लागत कम करने के साथ अच्छा उत्पादन प्राप्त करने में मदद मिल सकती है। नवीन उन्नत किस्मों के इस्तेमाल से किसानों को बेहतर उत्पादन के साथ गन्ने की खेती को अधिक लाभकारी बनाने में सहायता मिल सकती है।


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