बसपा में फिर बड़ा एक्शन, मायावती ने दो नेताओं को पार्टी से किया बाहर
बसपा सुप्रीमो मायावती के निर्देश पर शुक्रवार को दो नेताओं को अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित कर दिया गया है।
Publish Date: Fri, 12 Jun 2026 04:22:05 PM (IST)Updated Date: Fri, 12 Jun 2026 04:22:05 PM (IST)
HighLights
- पी.एन. गर्ग और पूर्व मंडल प्रभारी रवि जाटव भी निष्कासित
- विधानसभा चुनाव से पहले तेज हुई राजनीतिक हलचल
- अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में संगठनात्मक फेरबदल और अनुशासनात्मक कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। पार्टी सुप्रीमो मायावती के निर्देश पर शुक्रवार को दो नेताओं को अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित कर दिया गया। इसकी पुष्टि बसपा के जिला अध्यक्ष मनोज कुमार जाटव ने की।
जिला अध्यक्ष ने बताया कि वर्ष 2024 में शहर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बसपा ने पी.एन. गर्ग को अपना उम्मीदवार बनाया था। चुनाव में हार के बाद उनकी कार्यशैली और कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर कई बार नोटिस जारी किए गए तथा सुधार की चेतावनी भी दी गई, लेकिन अपेक्षित बदलाव नहीं दिखने पर उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
पूर्व मंडल प्रभारी रवि जाटव भी निष्कासित
बसपा ने पूर्व मंडल प्रभारी रवि जाटव के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया है। पिछले कुछ महीनों से पार्टी में निष्कासन और पुनर्बहाली को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। बीते चार महीनों में बसपा पांच नेताओं को पार्टी से बाहर कर चुकी है।
हालांकि पार्टी नेतृत्व बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने का दावा कर रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं में अपेक्षित सक्रियता और उत्साह दिखाई नहीं दे रहा है।
विधानसभा चुनाव से पहले तेज हुई राजनीतिक हलचल
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक दलों में अंदरूनी गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। इसी क्रम में बसपा ने 17 मार्च को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में मुरादनगर के पूर्व विधायक वहाब चौधरी को निष्कासित कर दिया था। हालांकि बाद में 28 मई को उन्हें दोबारा पार्टी में शामिल कर लिया गया।
वहाब चौधरी वर्ष 2012 में मुरादनगर से विधायक चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने 2017 में मोदीनगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
पहले भी कई नेताओं पर हो चुकी है कार्रवाई
गौरतलब है कि नवंबर 2017 में भी बसपा ने वहाब चौधरी को पार्टी से निष्कासित किया था। उनकी पत्नी छम्मी चौधरी वर्तमान में मुरादनगर नगर पालिका परिषद की चेयरमैन हैं। इससे पहले 24 अप्रैल को बसपा ने सहारनपुर मंडल के जोन प्रभारी हाजी सरफराज और केरल के पार्टी प्रभारी जयप्रकाश सिंह को भी पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित किया था।
लगातार हो रही इन कार्रवाइयों को संगठन में अनुशासन बनाए रखने और चुनावी तैयारियों को मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।