यूपी में वाहन प्रदूषण जांच नियमों में बड़ा बदलाव, अब पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ही आएगा ओटीपी
Vehicle pollution testing rules in UP: उत्तर प्रदेश में वाहनों की प्रदूषण जांच (PUC) प्रक्रिया को लेकर परिवहन विभाग ने बड़ा बदलाव लागू किया है। यदि नं ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 19 Feb 2026 03:42:44 PM (IST)Updated Date: Thu, 19 Feb 2026 03:44:11 PM (IST)
यूपी में वाहन प्रदूषण जांच नियमों में बड़ा बदलाव, अब पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ही आएगा ओटीपीHighLights
- नंबर अपडेट नहीं है, तो जांच प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकेगी
- यूपी में चार करोड़ 80 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं
- बिना PUC वाहन चलाया तो 10 हजार रुपये का चालान
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश में वाहनों की प्रदूषण जांच (PUC) प्रक्रिया को लेकर परिवहन विभाग ने बड़ा बदलाव लागू किया है। अब प्रदूषण जांच के दौरान ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) केवल वाहन के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ही भेजा जाएगा।
यदि नंबर अपडेट नहीं है, तो जांच प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकेगी। प्रदेश में वर्तमान में चार करोड़ 80 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। ऐसे में यह व्यवस्था लाखों वाहन स्वामियों को प्रभावित करेगी।
बिना PUC वाहन चलाया तो 10 हजार रुपये का चालान
इलेक्ट्रिक वाहनों को छोड़कर सभी प्रकार के वाहनों के लिए प्रदूषण जांच अनिवार्य है। बिना वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र के वाहन चलाने पर 10,000 रुपये तक का चालान किया जाएगा। अब तक प्रदूषण जांच के दौरान जांच केंद्र संचालक द्वारा बताए गए किसी भी मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजकर प्रक्रिया पूरी कर ली जाती थी।
कई मामलों में संचालक अपने ही मोबाइल नंबर का उपयोग कर जांच कर देते थे। नई व्यवस्था में यह संभव नहीं होगा। परिवहन मुख्यालय के आरटीओ कमल जोशी के अनुसार, पंजीकृत मोबाइल नंबर प्रणाली लागू कर दी गई है, जिससे वाहन स्वामी को चालान और अन्य सूचनाएं सीधे मिल सकेंगी।
कितने समय तक मान्य है प्रदूषण जांच?
- बीएस-6 वाहन (2020 के बाद खरीदे गए) – 1 वर्ष तक मान्य
- बीएस-4 वाहन (2014 से 2020 के बीच खरीदे गए) – 1 वर्ष तक मान्य
- बीएस-3 वाहन (2014 से पहले खरीदे गए) – 6 माह तक मान्य
- निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद दोबारा प्रदूषण जांच कराना अनिवार्य होगा।
प्रदूषण जांच शुल्क
- दोपहिया पेट्रोल वाहन – 70 रुपए
- चारपहिया पेट्रोल/सीएनजी वाहन – 90 रुपए
- डीजल वाहन – 120 रुपए
22 लाख से अधिक ई-चालान लंबित
वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेशभर में 27,01,786 ई-चालान जारी किए गए। इनमें से 81.8 प्रतिशत यानी 22,11,244 चालान लंबित पाए गए। समीक्षा में सामने आया कि कई वाहन स्वामियों को चालान की जानकारी ही नहीं मिल पाई, क्योंकि पंजीकृत मोबाइल नंबर अपडेट नहीं थे।
अब अनिवार्य पंजीकृत नंबर व्यवस्था लागू होने से चालान और अन्य परिवहन संबंधी सूचनाएं सीधे वाहन स्वामी तक पहुंचेंगी।
वाहन श्रेणी के अनुसार लंबित चालान की स्थिति:
- चारपहिया वाहन – 53.9%
- दोपहिया वाहन – 43.3%
- तीनपहिया वाहन – 6%
मोबाइल नंबर ऐसे करें अपडेट
- parivahan.gov.in वेबसाइट पर जाएं
- Online Services में Vehicle Related Services चुनें
- अपना राज्य और संबंधित आरटीओ (जिला) चुनें
- Update Mobile Number या Miscellaneous विकल्प पर क्लिक करें
- वाहन नंबर, चेसिस नंबर और इंजन नंबर के अंतिम 5 अंक दर्ज करें
- आधार ओटीपी के माध्यम से सत्यापन करें
- नया मोबाइल नंबर दर्ज कर सबमिट करें
यदि ऑनलाइन प्रक्रिया में असुविधा हो तो संबंधित एआरटीओ कार्यालय में आवेदन देकर भी नंबर अपडेट कराया जा सकता है।
अब क्या बदलेगा?
अब वाहन पंजीकरण के समय दर्ज मोबाइल नंबर पर ही ओटीपी आएगा। बिना पंजीकृत नंबर के प्रदूषण जांच संभव नहीं होगी। परिवहन विभाग का दावा है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और वाहन स्वामियों को समय पर जानकारी मिल सकेगी।