
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को मैनपुरी में 682 करोड़ रुपये की लागत वाली 111 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के 19 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र और लाभ सामग्री भी सौंपी।
मंच से जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की इस ऐतिहासिक और पौराणिक धरा को नमन करने का अवसर पाना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार करहल और मैनपुरी की जनता के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इन योजनाओं से क्षेत्र को एक नई पहचान मिलेगी।
पूर्ववर्ती सरकारों पर करारा हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब मैनपुरी का नाम सुनते ही लोग घबराते थे और यहाँ के युवाओं को राज्य से बाहर होटलों में कमरे तक नहीं मिलते थे। लेकिन आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। अब मैनपुरी के युवाओं और व्यापारियों को हर जगह सम्मान मिलता है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को ध्वस्त कर बेटियों के सामने खौफ का माहौल बनाया था।
सीएम योगी ने कहा कि इतने बड़े प्रदेश को 'बीमारू' बनाकर रख दिया गया था, लेकिन आज उत्तर प्रदेश भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहा है और देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है। उन्होंने बताया कि मैनपुरी में सड़कों के चौड़ीकरण, संग्रहालयों के निर्माण, मंदिरों के जीर्णोद्धार और पेयजल जैसी अनेक परियोजनाओं पर काम जारी है। मैनपुरी की प्रसिद्ध 'तारकशी' कला को अब वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई गई है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के उत्थान के लिए काम कर रही है। किसानों को नलकूपों के लिए मुफ्त बिजली और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ दिया जा रहा है।
शिक्षा के क्षेत्र में मॉडल स्कूल का लोकार्पण किया गया है, जहां कक्षा 1 से 12वीं तक की आधुनिक शिक्षा मिलेगी। उन्होंने बताया कि शिकोहाबाद-भोगांव मार्ग का 292 करोड़ रुपये की लागत से चौड़ीकरण कराया गया है, जिसका लाभ करहल और मैनपुरी दोनों विधानसभा क्षेत्रों की जनता को मिलेगा।
पूर्व की सरकार के दौर को याद दिलाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले गुंडागर्दी और रंगदारी का बोलबाला था। अब प्रदेश पूरी तरह दंगा और कर्फ्यू मुक्त हो चुका है। कांवड़ यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में इन यात्राओं पर रोक लगाई जाती थी, लेकिन अब डबल इंजन सरकार में कांवड़ यात्रा भव्यता और धूमधाम के साथ निकाली जा रही है।
साथ ही उन्होंने कहा कि अब पर्यटन और संस्कृति विभाग के माध्यम से धार्मिक स्थलों एवं मंदिरों के सुंदरीकरण पर सरकारी बजट खर्च किया जा रहा है, जबकि पिछली सरकारों में यह पैसा अन्य कार्यों में चला जाता था।