
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। लखनऊ और कानपुर के बीच का सफर अब बेहद आसान होने जा रहा है। 63 किलोमीटर लंबा यह नया एक्सप्रेसवे पूरी तरह बनकर तैयार है, जिसका लोकार्पण आगामी सोमवार यानी 13 जुलाई को शाम 5 बजे किया जाएगा। इस भव्य उद्घाटन समारोह में केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल होंगे।
सैनिक स्कूल में कार्यक्रम के लिए मुख्य पंडाल सज चुका है और बनी टोल प्लाजा के पास जरूरी साइनेज बोर्ड लगाने का काम आखिरी चरण में है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने उद्घाटन से पहले इस पूरे रूट पर आम वाहनों की एंट्री रोक दी है। एक्सप्रेसवे के सभी एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स को सील कर वहां सुरक्षा गार्ड तैनात कर दिए गए हैं।
करीब 4,700 करोड़ रुपये की लागत से बना यह 63 किमी लंबा कॉरिडोर लखनऊ और उन्नाव के 43 गांवों से होकर गुजरता है। इसे बनाने के लिए एनएचएआई ने किसानों की 480.9799 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया, जिसके बदले प्रभावित किसानों को 590.87 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया है।
फिलहाल यह एक्सप्रेसवे छह लेन का है, लेकिन भविष्य में बढ़ती ट्रैफिक जरूरतों को देखते हुए इसे आठ लेन तक चौड़ा करने की पर्याप्त जमीन दोनों तरफ पहले से सुरक्षित रखी गई है। यह मार्ग लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, रायबरेली, लालगंज के साथ-साथ आउटर रिंग रोड और आगरा एक्सप्रेसवे को भी जोड़ेगा।
यह भी पढ़ें- यूपी में तीन नए एक्सप्रेसवे की तैयारी तेज, भूमि अधिग्रहण शुरू, पूर्व से पश्चिम तक मजबूत होगी सड़क कनेक्टिविटी
इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत यहां मिलने वाली आधुनिक सुविधाएं हैं। देश में पहली बार किसी एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए 10 बेड का ट्रॉमा सेंटर और शानदार रेस्तरां बनाया जा रहा है।
इसके अलावा, जरगांव (किमी 51.600) और शिवपुर ग्रांट (किमी 60.300) के पास छह-छह हेक्टेयर जमीन पर वे-साइड एमेनिटीज विकसित की जा रही हैं। यहां यात्रियों को फूड प्लाजा, पेट्रोल पंप, ईवी चार्जिंग स्टेशन, गेमिंग जोन और सामुदायिक शौचालय जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी।