
डिजिटल डेस्क, प्रयागराज। केंद्र सरकार और भारतीय रेलवे के लाखों कर्मचारियों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। सातवें वेतन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत महंगाई भत्ता (DA) बढ़ने के बाद अब बाल शिक्षा भत्ता (Children Education Allowance) और हॉस्टल सब्सिडी में भी 25 प्रतिशत का इजाफा कर दिया गया है। रेलवे बोर्ड द्वारा संशोधित भत्तों से जुड़ी नई दरें आधिकारिक तौर पर जारी कर दी गई हैं।
बाल शिक्षा भत्ता (CEA): पहले मिलने वाली 2,250 रुपये प्रति माह की राशि को बढ़ाकर अब 2,812.50 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। इस प्रकार, कर्मचारियों को प्रति बच्चा 562.50 रुपये प्रति माह (वार्षिक आधार पर 6,750 रुपये) का सीधा अतिरिक्त लाभ प्राप्त होगा। सबसे खास बात यह है कि इसके भुगतान के लिए कर्मचारियों को भारी-भरकम बिल जमा करने की अनिवार्यता नहीं होगी; तय दरों के आधार पर ही सीधे भुगतान किया जाएगा।
अपने बच्चों को घर से दूर हॉस्टल में पढ़ा रहे कर्मचारियों के लिए हॉस्टल सब्सिडी को 6,750 रुपये से बढ़ाकर 8,437.50 रुपये प्रति माह (या वास्तविक खर्च, जो भी कम हो) कर दिया गया है। इससे कर्मचारियों को प्रति माह 1,687.50 रुपये(वार्षिक 20,250 रुपये) का अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलेगा।
जो कर्मचारी शिक्षा भत्ता और हॉस्टल सब्सिडी दोनों का लाभ उठा रहे हैं, उन्हें प्रति बच्चा कुल 2,250 रुपये प्रति माह (वार्षिक 27,000 रुपये) का फायदा होगा।
दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष प्रावधान: दिव्यांग बच्चों के मामले में बाल शिक्षा भत्ता सामान्य दरों की तुलना में दोगुना होता है, इसलिए इसमें प्रति माह 4,500 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
स्थापना विभाग के संयुक्त निदेशक के अनुसार, यह नया आदेश उत्तर मध्य रेलवे (NCR) सहित सभी क्षेत्रीय मंडलों, उत्पादन इकाइयों और प्रशिक्षण संस्थानों पर तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इस कदम से दावों (claims) के निपटारे में आने वाली व्यावहारिक समस्याएं दूर होंगी और कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वित्तीय लाभ बिना किसी अड़चन के मिल सकेगा।