बसपा में मायावती का बड़ा एक्शन, बड़े भतीजे आकाश आनंद की छुट्टी, छोटे भतीजे ईशान की हुई 'लॉन्चिंग'
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच पार्टी संगठन में एक बड़ा फेरबदल किया है।
Publish Date: Thu, 10 Sep 2026 02:42:54 PM (IST)Updated Date: Thu, 10 Sep 2026 02:44:22 PM (IST)
HighLights
- बड़े भतीजे आकाश को पार्टी से निकाला, परिवारवाद को तरजीह देने का आरोप
- छोटे भतीजे ईशान आनंद को 15-19 राज्यों का मुख्य सेक्टर प्रभारी बनाया गया
- लंदन से कानून की पढ़ाई कर चुके हैं ईशान, बुआ के फैसलों का किया समर्थन
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच पार्टी संगठन में एक बड़ा फेरबदल किया है।
पार्टी में अनुशासन और सिद्धांतों का हवाला देते हुए मायावती ने अपने बड़े भतीजे आकाश आनंद को सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। वहीं, उनकी जगह छोटे भतीजे ईशान आनंद को राजनीति में लॉन्च करते हुए बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आकाश आनंद पर क्यों गिरी गाज?
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत पूर्व राज्यसभा सदस्य अशोक सिद्धार्थ के सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने के साथ हुई। इस पर मायावती ने तंज कसते हुए सोशल मीडिया पर लिखा- 'देर आए, दुरुस्त आए।' अशोक सिद्धार्थ दरअसल मायावती के बड़े भतीजे आकाश आनंद के ससुर हैं।
मायावती ने आकाश आनंद पर पार्टी हित से ऊपर पारिवारिक स्वार्थ को तरजीह देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आकाश में पार्टी के प्रति वफादारी की कमी दिखी, क्योंकि ससुर के मोह में आकर उन्होंने बीएसपी के आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट को रिपोस्ट तक नहीं किया। इसी अनुशासनहीनता के चलते उन्हें निष्कासित किया गया।
ईशान आनंद को मिली 15-19 राज्यों की कमान
आकाश की छुट्टी के बाद मायावती ने अपने भाई और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार के छोटे बेटे ईशान आनंद को बड़े मंच पर उतारा है। मायावती ने एक्स (X) पर ईशान का आधिकारिक अकाउंट भी सार्वजनिक किया।
ईशान को बीएसपी में 15 से 19 राज्यों का मुख्य सेक्टर प्रभारी नियुक्त किया गया है।
हालांकि, उन्हें फिलहाल उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे चुनावी राज्यों से दूर रखा गया है। वह अन्य राज्यों में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज की समीक्षा करेंगे और अपनी रिपोर्ट सीधे मायावती और अपने पिता आनंद कुमार को सौंपेंगे।
बुआ के फैसलों के साथ खड़े हैं ईशान
बड़े भाई के निष्कासन के बीच ईशान आनंद ने सोशल मीडिया पर मायावती के फैसलों और अनुशासन का खुलकर समर्थन किया है। इसके बाद से उन्हें बीएसपी में एक नए युवा चेहरे और विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।
कौन हैं ईशान आनंद?
ईशान आनंद लंबे समय से अपने परिवार के कारोबारी कामकाज को संभाल रहे थे। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई नोएडा के जेनेसिस ग्लोबल स्कूल से की है। इसके बाद उन्होंने लंदन के वेस्टमिंस्टर विश्वविद्यालय से कानून (LLB) की डिग्री हासिल की।
हाल ही में अप्रैल 2025 में उनकी शादी राधिका खन्ना के साथ हुई है। अब वह राजनीति में सक्रिय होकर बुआ मायावती के निर्देश पर संगठन को मजबूत करेंगे।
मायावती का कड़ा संदेश
इस फेरबदल के साथ मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीएसपी की राजनीति बाबा साहेब आंबेडकर और मान्यवर कांशीराम के त्याग व समर्पण पर आधारित है। बहुजन समाज को शासक वर्ग बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को पद की लालसा, व्यक्तिगत और पारिवारिक स्वार्थ से ऊपर उठकर कुर्बानियां देनी होंगी।