यूपी के इस गांव में पुलिस के डर से पुरुष फरार, घरों में ताले और गलियां सुनसान, भारी फोर्स तैनात
ग्रामीणों का दावा है कि जो लोग रिश्तेदारी में गांव आए थे, उन्हें भी नहीं बख्शा गया और बिना वजह मारपीट कर हिरासत में लिया गया। बुजुर्ग तुलसी देवी जैसी ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 15 Apr 2026 03:05:12 PM (IST)Updated Date: Wed, 15 Apr 2026 03:05:12 PM (IST)
नरहरपुर के गांव में पुलिस के डर से फरार हुए पुरुषHighLights
- गांव में पुलिस के डर से फरार हुए पुरुष
- झड़प के 4 दिन बाद भी गांव में दहशत
- सहमी महिलाओं ने सुनाई आपबीती
डिजिटल डेस्क। नरहरपुर में पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई हिंसक झड़प के चार दिन बाद भी तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। गाँव में पसरा सन्नाटा और दहशत का माहौल यहां की वर्तमान स्थिति को बयां कर रहा है। घटना के बाद से गिरफ्तारी के डर से अधिकांश पुरुष घर छोड़कर फरार हैं, जिसके चलते गांव में केवल महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे ही शेष बचे हैं।
दहशत में ग्रामीण और पुलिस पर आरोप
दलित बस्ती की महिलाओं ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कार्रवाई के नाम पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। ग्रामीणों का दावा है कि जो लोग रिश्तेदारी में गांव आए थे, उन्हें भी नहीं बख्शा गया और बिना वजह मारपीट कर हिरासत में लिया गया। बुजुर्ग तुलसी देवी जैसी महिलाओं ने अपनी चोटें दिखाते हुए पुलिसिया सख्ती पर सवाल उठाए हैं।
फीकी पड़ी अंबेडकर जयंती
इस तनाव का सबसे गहरा असर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर पड़ा है। जो उत्सव हर साल बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता था, वह इस बार पूरी तरह फीका रहा। डर के कारण ग्रामीणों नें झांकी और सामूहिक कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है। स्थानीय जनप्रतिनिधि मुकेश यादव ने ग्रामीणों की पीड़ा को जायज ठहराते हुए शांतिपूर्ण तरीके से आयोजन संपन्न कराने का आश्वासन दिया है।
कानूनी कार्रवाई और पुलिस का पक्ष
मामले की जड़ सुरक्षित भूमि से अवैध कब्जा हटवाने की कार्रवाई है। पुलिस के अनुसार, जब राजस्व टीम कब्जा हटाने पहुंची, तो ग्रामीणों ने पथराव कर दिया, जिसमें दरोगा और सिपाहियों समेत चार लोग घायल हो गए। इसके जवाब में पुलिस ने 19 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। अब तक 9 लोगों का चालान कर उन्हें जेल भेजा जा चुका है।