
डिजिटल डेल्क, लखनऊ। पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल ने माल परिवहन के क्षेत्र में नई उपलब्धि हासिल की है। मंडल की तीन ट्रेनों को जोड़कर तैयार की गई ‘अवध महाशक्ति’ ट्रेन गुरुवार को गोंडा से मुरादाबाद मंडल के लिए वाया सीतापुर रवाना हुई। गोंडा आरओएच डिपो द्वारा तैयार यह पूर्वोत्तर रेलवे की पहली फ्रेट ट्रेन है। इसमें 129 वैगन और तीन इंजन लगाए गए हैं।
‘अवध महाशक्ति’ ट्रेन को गोंडा जंक्शन स्टेशन से गुरुवार दोपहर 01:50 बजे रवाना किया गया। एक साथ 129 वैगनों के संचालन से एक ही ट्रिप में अधिक मात्रा में माल की ढुलाई संभव होगी। इससे रेलवे की परिवहन क्षमता बढ़ने के साथ राजस्व आय में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।
इस ट्रेन को तीन मालगाड़ियों को एक साथ जोड़कर तैयार किया गया है। एक ही ट्रेन के रूप में संचालन होने से परिचालन समय और ईंधन की बचत होगी। साथ ही उपलब्ध ट्रैक क्षमता का अधिक प्रभावी तरीके से इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे अन्य यात्री और ट्रेनों के संचालन के लिए भी मार्ग उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
यदि तीनों ट्रेनों को अलग-अलग चलाया जाता तो प्रत्येक के लिए अलग मार्ग और चालक दल की व्यवस्था करनी पड़ती। ‘अवध महाशक्ति’ के रूप में एक साथ संचालन से इन संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और समय की भी बचत होगी।
पूर्वोत्तर रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल के मार्गदर्शन में यह पहल की गई। उन्होंने कहा कि ट्रेन का सफल संचालन मंडल की कार्यक्षमता, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल और प्रभावी प्रबंधन का उदाहरण है। इसका उद्देश्य माल परिवहन क्षमता बढ़ाकर ग्राहकों को तेज और किफायती सेवा उपलब्ध कराना है। वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक/समन्वय डा. शिल्पी कनौजिया ने ट्रेन के संचालन और इसकी विशेषताओं की जानकारी दी।