पुलिस ने सील किया अखिलेश यादव के भाई प्रतीक का कमरा, कब्जे में लिया लैपटॉप, मोबाइल व डायरी समेत अन्य सामान
विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास पर प्रतीक यादव बेहोशी की हालत में मिले, जिसके बाद उन्हें तत्काल श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल ले जाया गया। वहां ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 13 May 2026 02:23:40 PM (IST)Updated Date: Wed, 13 May 2026 02:24:13 PM (IST)
प्रतीक यादव। फाइल फोटोHighLights
- पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा यादव असम दौरे पर थीं
- प्रतीक यादव के शरीर पर चोट के निशान पाए गए
- मामले की न्यायिक निगरानी में जांच की मांग
डिडिटल डेस्क, लखनऊ। समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव की बुधवार को लखनऊ स्थित उनके आवास पर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के मुताबिक, विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास पर प्रतीक यादव बेहोशी की हालत में मिले, जिसके बाद उन्हें तत्काल श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा यादव असम दौरे पर थीं
बताया जा रहा है कि घटना के समय वह घर पर अकेले थे, जबकि उनकी पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा यादव असम दौरे पर थीं। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने प्रतीक यादव के कमरे को सील कर दिया है तथा मोबाइल, लैपटॉप और डायरी समेत कई निजी सामान कब्जे में ले लिए हैं। डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर और मजिस्ट्रेट ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।
प्रतीक यादव के शरीर पर चोट के निशान पाए गए
सूत्रों के अनुसार, प्रतीक यादव के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं। हाथ और सीने पर नीले निशानों की जानकारी सामने आई है, जिसके बाद डॉक्टरों ने पॉइजनिंग समेत अन्य पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू कर दी है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
मामले की न्यायिक निगरानी में जांच की मांग
समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने मामले की न्यायिक निगरानी में जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रतीक यादव की मौत सामान्य परिस्थितियों में नहीं हुई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं, प्रतीक यादव के करीबी दोस्तों ने दावा किया कि उन्हें कोई गंभीर बीमारी नहीं थी।
उनके जिम साथी अंकित साहू ने कहा कि प्रतीक नियमित रूप से वर्कआउट करते थे और भारी वजन उठाते थे। दोस्तों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
मोटापा कम करने के लिए सर्जरी कराई थी
बताया जा रहा है कि प्रतीक यादव इससे पहले 30 अप्रैल को भी तबीयत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती हुए थे। कुछ रिपोर्टों में उनके फेफड़ों से जुड़ी बीमारी का जिक्र किया गया है। वहीं, परिवार के करीबी मुकेश बहादुर सिंह ने बताया कि प्रतीक ने मोटापा कम करने के लिए सर्जरी कराई थी, जिसके कारण शरीर पर कुछ नीले निशान पहले से मौजूद थे।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।