UPPSC PCS Interview 2024: ‘बुलडोजर जस्टिस’ और इंटरनेट मीडिया बैन से लेकर अरावली तक...अभ्यर्थियों से पूछे गए तीखे सवाल
UPPSC PCS Interview 2024 : उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) में सोमवार से पीसीएस-2024 के साक्षात्कार शुरू हो गए। पहले ही दिन बोर्ड ने अभ्यर्थियों की ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 16 Feb 2026 03:08:21 PM (IST)Updated Date: Mon, 16 Feb 2026 03:09:17 PM (IST)
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोगमें सोमवार से पीसीएस-2024 के साक्षात्कार शुरू हो गए हैं।HighLights
- अरावली में अवैध खनन पर पूछा गया संतुलन का सवाल
- 'बुलडोजर जस्टिस' और इंटरनेट मीडिया बैन पर चर्चा
- SIR से जुड़े प्रश्नों के जरिए विश्लेषण क्षमता की परीक्षा
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) में सोमवार से पीसीएस-2024 के साक्षात्कार शुरू हो गए। पहले ही दिन बोर्ड ने अभ्यर्थियों की प्रशासनिक समझ, समसामयिक घटनाओं पर पकड़ और निर्णय क्षमता को परखने के लिए विविध विषयों पर प्रश्न किए। साक्षात्कार के दौरान उम्मीदवारों की सोच, संवेदनशीलता और नेतृत्व क्षमता का गहन मूल्यांकन किया गया।
अरावली में अवैध खनन पर पूछा गया संतुलन का सवाल
इंटरव्यू में अरावली क्षेत्र में अवैध खनन का मुद्दा प्रमुख रहा। अभ्यर्थियों से पूछा गया कि यदि वे किसी जिले के अधिकारी हों तो पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन कैसे स्थापित करेंगे।
बोर्ड ने यह भी जानना चाहा कि खनन गतिविधियों की निगरानी और नियंत्रण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का किस प्रकार प्रभावी उपयोग किया जा सकता है। इससे स्पष्ट हुआ कि आयोग प्रशासनिक दृष्टिकोण के साथ-साथ तकनीकी समझ को भी अहम मान रहा है।
'बुलडोजर जस्टिस' और इंटरनेट मीडिया बैन पर चर्चा
समसामयिक मुद्दों में 'बुलडोजर जस्टिस' और इंटरनेट मीडिया बैन जैसे विषयों पर भी सवाल पूछे गए। उम्मीदवारों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन की सीमाएं और जिम्मेदारियों पर विचार मांगा गया। इसके अलावा चुनाव के दौरान निष्पक्षता सुनिश्चित करने और आचार संहिता के प्रभावी पालन को लेकर भी प्रश्न किए गए।
SIR से जुड़े प्रश्नों के जरिए विश्लेषण क्षमता की परीक्षा
एसआईआर (Special Intensive Revision- SIR) से संबंधित सवालों के माध्यम से अभ्यर्थियों की विश्लेषण क्षमता को परखा गया। भ्रष्टाचार कम करने के व्यावहारिक उपायों पर भी ठोस सुझाव मांगे गए।
एक उम्मीदवार ने बताया कि उनसे पूछा गया—यदि आप एसडीएम हों और दो समुदायों के बीच दंगा भड़क जाए, तो शांति कैसे बहाल करेंगे? इस प्रश्न के जरिए त्वरित निर्णय क्षमता और संवेदनशील नेतृत्व का आकलन किया गया।
सामाजिक मुद्दों पर भी रही पैनी नजर
साक्षात्कार में सामाजिक सरोकार भी प्रमुख रहे। बच्चों में मोबाइल फोन के बढ़ते उपयोग के प्रभावों पर अभ्यर्थियों की राय जानी गई। प्रशासनिक अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों से जेल प्रशासन, बंदियों के पुनर्वास और संकट प्रबंधन से जुड़े प्रश्न भी पूछे गए।
20 मार्च तक जारी रहेंगे साक्षात्कार
प्रत्येक साक्षात्कार 12 से 15 मिनट तक चला, लेकिन इन कुछ मिनटों में उम्मीदवारों के व्यक्तित्व और वर्षों की तैयारी को परखा गया। आयोग में साक्षात्कार प्रक्रिया 20 मार्च तक जारी रहेगी। मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थी आयोग परिसर के बाहर साक्षात्कार देकर लौटे उम्मीदवारों से जानकारी लेकर अपनी तैयारी को अंतिम रूप देते नजर आए।