राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: SIT ने मांगा और समय, अंतिम रिपोर्ट सीधे सुप्रीम कोर्ट में पेश होने की चर्चा
Ram Mandir donation theft case: श्रीराम जन्मभूमि परिसर में चढ़ावे की कथित चोरी की जांच कर रही उत्तर प्रदेश सरकार की विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी अंतिम...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 17 Jul 2026 05:00:50 PM (IST)Updated Date: Fri, 17 Jul 2026 05:01:18 PM (IST)
HighLights
- 20 जुलाई को सीधे सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है
- मामले की जांच अभी जारी, कई पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही
- अब सबकी निगाहें एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। श्रीराम जन्मभूमि परिसर में चढ़ावे की कथित चोरी (Ram Mandir donation theft case) की जांच कर रही उत्तर प्रदेश सरकार की विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करने के लिए राज्य सरकार से अतिरिक्त समय मांगा है। सूत्रों के अनुसार, जांच के कुछ बिंदुओं पर अभी और पड़ताल बाकी है, जिसके चलते एसआईटी एक बार फिर अयोध्या का दौरा कर सकती है।
जानकारी के मुताबिक, तीन सदस्यीय एसआईटी अपनी जांच को अंतिम रूप देने में जुटी है। चर्चा है कि रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे 20 जुलाई को सीधे सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
मामले की जांच अभी भी जारी है
इस मामले में एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर अयोध्या में आठ नामजद आरोपियों और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी आठ नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले की जांच अभी भी जारी है और कई पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है।
मंदिर प्रशासन और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर भी कई सवाल उठे
चढ़ावा चोरी प्रकरण के सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में भी बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। इस घटनाक्रम के बाद मंदिर प्रशासन और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर भी कई सवाल उठे हैं।
सभी की निगाहें एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी
अब सभी की निगाहें एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि रिपोर्ट में चढ़ावे की कथित चोरी, जिम्मेदार लोगों की भूमिका और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी। इसके बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा तय हो सकती है।