
डिजिटल डेस्क, नईदुनिया। राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले (Ram Temple Donation Theft Case) में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। आठों आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उनकी उन संपत्तियों को अटैच करने की तैयारी कर रही है, जो उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक पाई जाएंगी। इसके लिए संपत्तियों, निवेश और बैंक खातों की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस जांच में आरोपितों की विभिन्न संपत्तियों के कागजात, निवेश से जुड़े दस्तावेज, आभूषण और नकदी बरामद हुई है। अब पुलिस इनके बैंक खातों का विवरण जुटा रही है और खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है। चढ़ावा चोरी के सभी आरोपितों को सोमवार को विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) रजत वर्मा की अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर 13 जुलाई तक जेल भेज दिया है।
मंगलवार को विवेचक क्षेत्राधिकारी आशुतोष त्रिपाठी के निर्देशन में पुलिस टीम मंडल कारागार पहुंची और आरोपित अविनाश शुक्ल से करीब दो घंटे तक पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान पुलिस ने उससे विभिन्न मदों में खर्च किए गए धन, धन के स्रोत और 5 जून को उसके घर से बरामद हुई राशि से संबंधित जानकारी मांगी। साथ ही यह भी पूछा गया कि वह किसके कहने पर यह काम कर रहा था।
पुलिस ने सोमवार को अयोध्याधाम स्थित पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, एक्सिस बैंक और केनरा बैंक पहुंचकर आरोपितों के खातों के स्टेटमेंट और अन्य जानकारी जुटाई थी।
इस मामले में पुलिस ने 60 से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया है। इसमें राम मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव, ट्रस्टी डा. अनिल मिश्र सहित अन्य लोग शामिल हैं।
मंगलवार को पुलिस टीम ने कारसेवकपुरम पहुंचकर महासचिव चंपतराय से भी मामले में जानकारी ली। उनसे आरोपित कर्मचारियों की नियुक्ति, सत्यापन और संस्तुति से जुड़ी जानकारी मांगी गई।
पूछताछ में अविनाश शुक्ल ने अन्य आरोपितों की संपत्तियों से जुड़ी जानकारी भी पुलिस को दी है। सूत्रों के अनुसार, उसके भाई अभिषेक से पूछताछ में पुलिस को निवेश संबंधी दस्तावेज मिले हैं। जांच में टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, मनीष यादव, करुणेश पांडेय और सुभाष श्रीवास्तव के घरों से जमीन खरीद, एफडी, क्रेडिट और डेबिट कार्ड सहित महंगी वस्तुओं की खरीद से जुड़े दस्तावेज मिले हैं।
मंगलवार को रुदौली कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक संजय मौर्य तहसील परिसर स्थित निबंधन कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने करीब चार घंटे तक लवकुश मिश्र की संपत्तियों की जांच की। इस दौरान बंद कमरे में निबंधक और अन्य कर्मचारियों से जानकारी ली गई, जिससे रजिस्ट्री संबंधी काम प्रभावित रहा।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों में कई लोग साधारण परिवारों से हैं। इनके पैतृक घर अभी भी सामान्य या खराब स्थिति में हैं, लेकिन जांच में सामने आया है कि कुछ ने दूसरी जगह जमीन खरीदी, मकान बनवाए, होटल और रेस्टोरेंट में हिस्सेदारी ली तथा महंगी गाड़ियां और मोबाइल खरीदे।
एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक फिलहाल आरोपितों की संपत्तियों और आय के स्रोतों की जांच जारी है। यदि संपत्तियां आय से अधिक अर्जित पाई जाती हैं तो कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें अटैच किया जाएगा।