यूपी में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को बड़ी राहत, मई से मिलेगा बढ़ा हुआ मानदेय
उत्तर प्रदेश सरकार ने परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 07 Apr 2026 03:10:45 PM (IST)Updated Date: Tue, 07 Apr 2026 03:12:01 PM (IST)
HighLights
- कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई
- निर्णय 1 अप्रैल से प्रभावी
- बैंक खातों में भेजा जाएगा
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पिछले वर्ष 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) पर की गई घोषणा को अब कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है और यह निर्णय 1 अप्रैल से प्रभावी माना जाएगा।
बढ़ा हुआ मानदेय मई माह से शिक्षाकर्मियों के बैंक खातों में भेजा जाएगा। नए प्रावधान के तहत शिक्षामित्रों को अब 18,000 रुपये और अंशकालिक अनुदेशकों को 17,000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। इससे पहले शिक्षामित्रों को 10,000 रुपये और अनुदेशकों को 9,000 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे थे।
1,138.12 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय आएगा
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह के अनुसार, प्रदेश में वर्तमान में 1,42,929 शिक्षामित्र कार्यरत हैं। इनमें से 1,29,332 शिक्षामित्रों का मानदेय अब तक समग्र शिक्षा अभियान के तहत केंद्र और राज्य सरकार के बीच 60:40 अनुपात में वहन किया जाता रहा है। मानदेय वृद्धि के बाद इन पर 1,138.12 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय आएगा, जिसे राज्य सरकार वहन करेगी।
उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 24,717 अंशकालिक अनुदेशक कार्यरत
इसके अतिरिक्त, 13,597 शिक्षामित्र ऐसे हैं जिनका मानदेय पूरी तरह राज्य सरकार द्वारा दिया जाता है। इनके लिए 119.65 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार भी राज्य सरकार उठाएगी। वहीं, प्रदेश के 13,769 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 24,717 अंशकालिक अनुदेशक कार्यरत हैं। इनके बढ़े हुए मानदेय पर सरकार को 217.50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा।
शिक्षाकर्मियों को आर्थिक राहत मिलेगी
इस प्रकार, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि से राज्य सरकार पर कुल मिलाकर 1,475 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। हालांकि, इस निर्णय से बड़ी संख्या में शिक्षाकर्मियों को आर्थिक राहत मिलेगी।
शिक्षामित्रों का मानदेय: एक नजर में बदलाव का सफर
- 26 मई 1999: 11 माह के अनुबंध पर नियुक्ति की शुरुआत
- 2001: 1,500 रुपये प्रतिमाह मानदेय
- 2002: बढ़कर 2,250 रुपये हुआ
- 2005: मुलायम सिंह सरकार में 2,400 रुपये
- 2007: मायावती सरकार में 3,000 रुपये प्रतिमाह
- 2014-15: सपा सरकार में सहायक शिक्षक के रूप में समायोजन, वेतन 30–40 हजार रुपये
- 2017: सुप्रीम कोर्ट द्वारा समायोजन रद्द, मानदेय 3,500 रुपये
- 2017: योगी सरकार ने बढ़ाकर 10,000 रुपये किया
- 2025: शिक्षक दिवस पर मानदेय बढ़ाने की घोषणा
- 2026: 1 अप्रैल से 18,000 रुपये मानदेय लागू