राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी को अब 15 जुलाई तक देनी होगी अंतिम रिपोर्ट, सीएम योगी ने दिया अतिरिक्त समय
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से जुड़े दान प्रकरण(Ram Temple offering theft case) की जांच अभी जारी रहेगी।
Publish Date: Wed, 01 Jul 2026 04:17:15 PM (IST)Updated Date: Wed, 01 Jul 2026 04:31:00 PM (IST)
HighLights
- साक्ष्यों की पड़ताल के लिए समय बढ़ाने का अनुरोध किया था
- किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा: सीएम योगी
- आठ लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है
डिजिटल डेस्क, अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से जुड़े दान प्रकरण (Ram Temple offering theft case) की जांच अभी जारी रहेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) को अतिरिक्त समय देते हुए उसकी रिपोर्ट सौंपने की नई समय-सीमा 15 जुलाई तय कर दी है।
एसआईटी ने जांच के दौरान सामने आए विभिन्न तथ्यों और साक्ष्यों की गहन पड़ताल के लिए समय बढ़ाने का अनुरोध किया था, जिसे मुख्यमंत्री ने मंजूरी दे दी।
किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि इस मामले की जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ होगी। उन्होंने कहा है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर ही इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था।
25 जून को श्रीराम जन्मभूमि थाने में पहली एफआईआर दर्ज की गई
गौरतलब है कि 23 जून को एसआईटी के प्रमुख सदस्य और लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपी थी। रिपोर्ट में कई अहम बिंदुओं पर कार्रवाई की संस्तुति किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसी प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को श्रीराम जन्मभूमि थाने में पहली एफआईआर दर्ज की गई।
आठ लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया
ट्रस्ट सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर दर्ज इस मुकदमे में आठ लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया, जबकि कुछ अन्य अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपी के रूप में शामिल किया गया है। पुलिस सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और अब एसआईटी मामले के शेष पहलुओं की गहन जांच में जुटी हुई है। 15 जुलाई तक जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की दिशा तय होने की संभावना है।