
डिजिटल डेस्क, अयोध्या। अयोध्या के राम मंदिर में दानपात्रों की धनराशि चोरी होने के मामले की जांच तेज हो गई है। विशेष जांच दल (SIT) के सदस्यों ने लगातार दूसरे दिन मंदिर परिसर में पहुंचकर सघन जांच की। लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी किरण एस. और विशेष सचिव (वित्त) नीलरतन कुमार की मौजूदगी वाली इस टीम ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और व्यवस्थापक गोपाल राव से अलग-अलग पूछताछ की।
एसआईटी ने दोनों पदाधिकारियों से दान की धनराशि, मंदिर के भीतर की सुरक्षा व्यवस्था और वहां तैनात कर्मचारियों के बारे में विस्तृत सवाल-जवाब किए। जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों को दूर रखा गया। टीम ने गर्भगृह के समक्ष आभूषण कक्ष का निरीक्षण किया और इसके प्रभारी कृष्णदेव तिवारी से पूछताछ की। इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज, दानपात्रों और नकदी गिनती से जुड़े सभी रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिए हैं।
पूछताछ में सामने आया कि दानपात्रों से नकदी निकालने और उसकी गिनती के लिए दो शिफ्टों में ट्रस्ट, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और एक कलेक्शन एजेंसी के करीब 40 कर्मचारी तैनात रहते हैं। कलेक्शन एजेंसी केवल दानपात्रों से नकदी निकालकर गोपनीय कक्ष तक पहुंचाती है, जबकि एसबीआई कर्मी निगरानी का काम करते हैं। नोटों की गिनती और बंडल बनाने का मुख्य काम ट्रस्ट के कर्मी ही करते हैं, जिसके बाद वाउचर बनाकर राशि बैंक खाते में जमा की जाती है।
इस कथित चोरी को लेकर भारी आक्रोश है। कांग्रेस ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में सर्वदलीय जांच समिति या सीबीआई जांच की मांग की है। वहीं, अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के संरक्षक जगदगुरु स्वामी महेशाश्रम ने आरोप लगाया है कि चंपत राय के संरक्षण में भ्रष्टाचारियों ने हेरफेर की, जिससे एक टैक्सी ड्राइवर करोड़पति बन गया। उन्होंने चंपत राय को तत्काल पद से हटाने की मांग की है।
यह भी पढ़ें- राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच तेज, सीएम योगी से मिलने के बाद SIT टीम अयोध्या पहुंची, DM-SSP भी रहे साथ
अब तक शिवसेना के पूर्व नेता संतोष दुबे, युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष शरद शुक्ला और करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल अम्मू सहित तीन पक्षों ने एफआईआर के लिए पुलिस को तहरीर दी है, लेकिन पुलिस ने अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की है और ट्रस्ट ने भी इस मामले पर चुप्पी साध रखी है।