UP में 6 साल की मासूम से दरिंदगी, 10 और 14 साल के नाबालिगों ने मोबाइल पर अश्लील वीडियो देखकर किया सामूहिक दुष्कर्म
UP Crime: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि सामाजिक ताने-बाने पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 04 Feb 2026 11:47:36 PM (IST)Updated Date: Wed, 04 Feb 2026 11:49:58 PM (IST)
स्मार्टफोन की सनक ने बनाया हैवान: बदायूं में दो किशोरों ने मासूम बच्ची के साथ किया दुष्कर्म (प्रतीकात्मक फोटो)HighLights
- बदायूं के दातागंज में 6 वर्षीय मासूम के साथ सामूहिक दुष्कर्म
- खेत में खेल रही बच्ची को बहाने से ले जाकर की दरिंदगी
- मोबाइल फोन और इंटरनेट को बताया गया मुख्य कारण
डिजिटल डेस्क: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना प्रकाश में आई है। यहां के दातागंज कोतवाली क्षेत्र में बुधवार शाम को एक छह वर्षीय मासूम बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इस घटना के आरोपित कोई वयस्क अपराधी नहीं, बल्कि 10 और 14 साल के दो नाबालिग लड़के हैं। पुलिस ने दोनों आरोपितों को हिरासत में ले लिया है।
खेल के मैदान से अपराध के अंधेरे तक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित बच्ची बुधवार शाम करीब चार बजे अपने घर के पास के खेत में खेल रही थी। परिजनों ने बताया कि बच्ची अक्सर अन्य बच्चों के साथ खेलती थी, इसलिए उन्होंने कोई चिंता नहीं की। लेकिन जब वह पांच बजे बदहवास और लहुलुहान हालत में घर लौटी, तो परिजनों के होश उड़ गए।
बच्ची ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि नौवीं कक्षा में पढ़ने वाला 14 वर्षीय किशोर और चौथी कक्षा का 10 वर्षीय छात्र उसे ट्यूबवेल की आड़ में ले गए और उसके साथ गंदा काम किया।
मोबाइल फोन और इंटरनेट की घातक भूमिका
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि 14 वर्षीय किशोर अपने पिता के मोबाइल फोन का दुरुपयोग करता था। वह एकांत में घंटों इंटरनेट पर अश्लील फिल्में और तस्वीरें देखता था।
मनोचिकित्सकों का मानना है कि इंटरनेट पर उपलब्ध सामग्री ने किशोर के मस्तिष्क पर गहरा दुष्प्रभाव डाला, जिसका परिणाम इस जघन्य कृत्य के रूप में सामने आया। संभवतः बड़े लड़के के प्रभाव में आकर छोटे बच्चे ने भी इस अपराध में साथ दिया।
पुलिस कार्रवाई और चिकित्सा राय
दातागंज इंस्पेक्टर वेदपाल सिंह के अनुसार, पिता की तहरीर पर सामूहिक दुष्कर्म की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। बच्ची को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
वहीं, राजकीय मेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सक डॉ. नरवीर यादव ने आगाह किया है कि अभिभावकों को बच्चों की मोबाइल गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए। फिलहाल, पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और दोनों नाबालिगों के मनोवैज्ञानिक पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।