
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार महिलाओं को प्राथमिकता देते हुए उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में भी महिलाओं के कल्याण और आर्थिक सशक्तीकरण पर विशेष जोर दिया गया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 18,620 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो वित्तीय वर्ष 2025-26 की तुलना में लगभग 11 प्रतिशत अधिक है। यह बजट स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि सरकार महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा से आगे बढ़ाकर आर्थिक रूप से स्वावलंबी और उद्यमी बनाने की दिशा में ठोस प्रयास कर रही है।
सरकार ने जहां एक ओर महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत किया है, वहीं उन्हें उद्यमिता की ओर प्रेरित करने के लिए नई योजनाओं की भी घोषणा की है। केंद्र सरकार की 'शी मार्ट' योजना को गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना और महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह योजना स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए है, जिसके तहत उनके द्वारा बनाए गए उत्पादों की मार्केटिंग और बिक्री की सुव्यवस्थित व्यवस्था की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना के लिए 151.04 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस योजना के तहत महिलाओं को ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे लघु उद्यम स्थापित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें और ऋण निर्भरता से मुक्त हों। ये दोनों योजनाएं 'लखपति दीदी' लक्ष्य को मजबूत आधार प्रदान करेंगी।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट प्रस्तुत करते हुए बताया कि सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 58 हजार ग्राम पंचायतों में 39,880 बीसी सखियों ने 39 हजार करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन कर लगभग 107 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है।
महिला सामर्थ्य योजना के तहत गोरखपुर, बरेली और रायबरेली में मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियों का गठन कर दुग्ध संग्रहण एवं विपणन कार्य शुरू कर दिया गया है। अब प्रयागराज और लखनऊ में भी ऐसी कंपनियों का गठन प्रस्तावित है।
सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा प्रावधान किया है। निराश्रित महिला पेंशन योजना के लिए 3500 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। वर्ष 2016-17 में इस योजना के लाभार्थियों की संख्या 17.32 लाख थी, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 38.58 लाख से अधिक हो गई है।
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जनवरी तक इस योजना के तहत 26.81 लाख बालिकाएं लाभान्वित हो चुकी हैं।