डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बुधवार को विधानसभा में अपना दसवां बजट प्रस्तुत किया। बजट सत्र के तीसरे दिन वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने वर्ष 2026-27 के लिए 9,12,696 करोड़ 35 लाख का बजट पेश किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.9 प्रतिशत अधिक है। सुबह 11 बजे विधानसभा में प्रस्तुत यह बजट योगी सरकार 2.0 का अंतिम पूर्ण बजट है।
सरकार का दावा है कि इस बजट में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इन मदों के लिए 37,956 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो वर्ष 2025-26 की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत अधिक है।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए 8,641 करोड़
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए 8,641 करोड़ तथा आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन के संचालन हेतु 2,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वहीं आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत 49.22 लाख लाभार्थी परिवारों के लिए 500 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है।
प्रदेश में जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम सभी जनपदों में संचालित है, जिसके तहत गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए कैशलेस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक ब्लॉक में दो मेडिकल टीमें तैनात हैं, जो आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं।
बच्चों को पोलियो की खुराक दी गई
पल्स पोलियो अभियान के तहत 8 दिसंबर 2024 से प्रदेश भर में 3 करोड़ 28 लाख 44 हजार 929 बच्चों को पोलियो की खुराक दी गई। जापानी इंसेफेलाइटिस से बचाव के लिए 42 संवेदनशील जनपदों में टीकाकरण कार्यक्रम निरंतर संचालित है। इसके अलावा, सभी 75 जनपदों में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिला मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
एकीकृत डिजीज सर्विलांस पोर्टल के माध्यम से सरकारी और निजी स्वास्थ्य इकाइयां 16 संक्रामक रोगों, छह वैक्सीन-प्रिवेंटेबल बीमारियों और कोविड-19 की नियमित रिपोर्टिंग कर रही हैं।
बेटियों की शादी के लिए 1 लाख देने की घोषणा
बजट में सामाजिक योजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। बेटियों की शादी के लिए दी जाने वाली सहायता राशि को 50,000 से बढ़ाकर 1 लाख करने की घोषणा की गई।
14 नए मेडिकल कॉलेज और 3 नए विश्वविद्यालय खोले जाएंगे
साथ ही प्रदेश में 14 नए मेडिकल कॉलेज और 3 नए विश्वविद्यालय खोले जाएंगे। छात्राओं के लिए 400 करोड़ की लागत से स्कूटी वितरण योजना भी लागू की जाएगी। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि राज्य में पिछले वर्षों में व्यापक विकास हुआ है।
वर्ष 2024-25 के लिए प्रदेश का अनुमानित जीएसडीपी 30.25 लाख करोड़ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.4 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश स्टार्टअप क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में उभर रहा है।
विपक्ष ने बजट पर सवाल उठाए
हालांकि, विपक्ष ने बजट पर सवाल उठाए हैं। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि पिछले वर्षों के बजट का पूरा उपयोग नहीं हो सका है और सरकार संभावनाओं के आधार पर बजट बनाती है, लेकिन उतना राजस्व संग्रह नहीं कर पाती।
वहीं, सरकार का कहना है कि यह बजट प्रदेश के समग्र विकास को गति देने और उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।