इंस्टाग्राम लाइव पर आकर व्यापारी के इकलौते बेटे ने खुद को मारी गोली, सिर की हड्डी में फंसी गोली, जमीन से उठा फिर पैदल पहुंच गया थाने
उत्तर प्रदेश के एक सनसनीखेज मामले में मेडिकल स्टोर संचालक सुबोध रस्तोगी के 20 वर्षीय इकलौते बेटे देवांश ने इंस्टाग्राम पर लाइव आकर आत्महत्या का प्रयास...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 12 Jun 2026 04:13:36 PM (IST)Updated Date: Fri, 12 Jun 2026 04:13:36 PM (IST)
व्यापारी के इकलौते बेटे ने खुद को मारी गोली, फिर खुद पहुंचा थानेHighLights
- व्यापारी के इकलौते बेटे ने खुद को मारी गोली
- कनपटी में बुलेट लिए पैदल पहुंचा थाने
- बिना घबराए पुलिस से बात करता रहा युवक
डिजिटल डेस्क, मेरठ। उत्तर प्रदेश के एक सनसनीखेज मामले में, मेडिकल स्टोर संचालक सुबोध रस्तोगी के 20 वर्षीय इकलौते बेटे देवांश ने इंस्टाग्राम पर लाइव आकर आत्महत्या का प्रयास किया। बीकॉम तृतीय वर्ष का छात्र देवांश गुरुवार शाम से लापता था। रात सवा आठ बजे वह अचानक इंस्टाग्राम पर लाइव आया और ढाई मिनट के वीडियो में कहा, "मैं मर रहा हूं, इसके लिए न परिवार, न प्यार और न यार जिम्मेदार हैं। मेरी अब जीने की इच्छा नहीं है।" वीडियो देखकर दोस्तों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी, लेकिन जब तक उसे खोजा जाता, वह खौफनाक कदम उठा चुका था।
सिर की हड्डी में फंसी गोली
हैरान कर देने वाली बात यह रही कि देवांश ने थाने से करीब दो किलोमीटर दूर मध्य गंगनहर के पास एक खेत में .32 बोर की पिस्टल से खुद की दायीं कनपटी पर गोली मार ली। नजदीक से गोली चलने के कारण बुलेट सिर की हड्डी में ही फंस गई और खून अधिक नहीं निकला। गोली मारने के बाद वह कुछ देर मिट्टी में पड़ा रहा, फिर उठा और बिना घबराए खुद ही पैदल चलकर थाने पहुंच गया। उसने पुलिस को बताया कि पहली गोली के बाद दूसरी गोली चलाने की उसकी हिम्मत नहीं हुई, हालांकि उसके पास कई कारतूस थे।
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अस्पताल रेफर, पुलिस जांच में जुटी
लहूलुहान हालत में थाने पहुंचे छात्र को पुलिस ने तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। सीओ पंकज लवानिया और थाना प्रभारी ब्रह्म कुमार त्रिपाठी ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीम रात में ही घटनास्थल (खेत) पर हथियार तलाशने गई, लेकिन अंधेरा होने के कारण पिस्टल बरामद नहीं हो सकी।
परिजनों और पिता ने घटना का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया है; उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि देवांश स्वभाव से काफी गुस्सैल था। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता छात्र की जान बचाना है- पंकज लवानिया, सीओ मवाना।