यूपी की जेलों में क्षमता से अधिक कैदी, एक साल में 479 मौतें, 19 बंदियों ने की आत्महत्या
सूचना का अधिकार (RTI) के तहत उत्तर प्रदेश की जेलों में निर्धारित क्षमता से अधिक बंदियों के होने का मामला सामने आया है। ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 06 May 2026 04:17:42 PM (IST)Updated Date: Wed, 06 May 2026 04:19:43 PM (IST)
HighLights
- कई जेलों में क्षमता से अधिक कैदी रखे गए हैं
- सूचना का अधिकार के तहत मिली जानकारी
- बड़ी संख्या में विचाराधीन कैदी लंबे समय से बंद हैं
नईदुनिया न्यूज नेटवर्क, मेरठ। उत्तर प्रदेश की जेलों में निर्धारित क्षमता से अधिक बंदियों के होने का मामला सामने आया है। सूचना का अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 के दौरान राज्य की विभिन्न जेलों में कुल 479 बंदियों की मौत हुई, जबकि 19 कैदियों ने आत्महत्या कर ली।
यह जानकारी छात्र नेता विनीत चपराना द्वारा दायर आरटीआई के जवाब में कारागार मुख्यालय, लखनऊ की ओर से 13 अप्रैल 2026 को जारी की गई। जवाब में बताया गया कि प्रदेश की जेलों में बड़ी संख्या में विचाराधीन कैदी लंबे समय से बंद हैं, जिससे जेलों में भीड़भाड़ की स्थिति बनी हुई है।
कई जेलों में क्षमता से अधिक कैदी
आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025 के बीच हुई 479 मौतों ने जेल प्रशासन पर कई सवाल खड़े किए हैं। वहीं, 19 आत्महत्याओं के मामलों ने बंदियों की मानसिक स्थिति और जेलों की व्यवस्थाओं को लेकर चिंता बढ़ा दी है। मेरठ की चौधरी चरण सिंह जिला जेल समेत कई जेलों में क्षमता से अधिक कैदी रखे जाने की बात भी सामने आई है।
रिश्वत लेते पकड़ा गया वाणिज्य कर अधिकारी
मेरठ में एक लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में वाणिज्य कर अधिकारी सुनील कुमार को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। यह आदेश अपर जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) अजय कुमार सिंह की अदालत ने दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, हरियाणा के यमुनानगर निवासी मनजीत सिंह ने एसपी विजिलेंस से शिकायत की थी कि सहारनपुर में तैनात वाणिज्य कर अधिकारी सुनील कुमार ने उनके माल में कथित अनियमितता बताकर उसे रोक लिया और छोड़ने के एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी।
शिकायत के आधार पर विजिलेंस टीम का गठन किया गया, जिसने आरोपी अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया, जहां अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।