
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्लास्टो इलाके में 16 मई 2024 को 15वीं मंजिल से गिरने के बाद 5 वर्षीय आलिम अहमद की मौत के मामले में करीब दो साल तीन महीने बाद फैसला आया है। 24 अगस्त 2026 को ईस्ट लंदन कोरोनर्स कोर्ट के जज इयान वेड ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण हादसा माना और मकान मालिक न्यूहैम काउंसिल को जिम्मेदार नहीं ठहराया।
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, घटना सुबह करीब 6 बजे हुई। आलिम अचानक सोकर उठा और अपने बेडरूम से किचन में पहुंचा। वहां उसने एक कुर्सी खिड़की के पास रखी और उसके सहारे खिड़की की चौखट तक पहुंच गया। खिड़की झुकने और घूमने वाली डिजाइन की थी और उस समय लॉक नहीं थी। इसके बाद आलिम खिड़की से नीचे गिर गया और उसकी मौत हो गई।
द सन की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और ऑडियो की जांच की गई। फुटेज में हादसे से ठीक पहले आलिम की आवाज सुनाई दी, जिसमें वह 3, 2, 1 की उलटी गिनती करता नजर आया। पुलिस ने बताया कि घटना के समय फ्लैट में कोई तीसरा व्यक्ति मौजूद नहीं था और आलिम ने खुद खिड़की से छलांग लगाई थी।
आलिम की मां सहरा उस्मान ने अदालत में न्यूहैम काउंसिल पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि खिड़की को लेकर लगातार शिकायतें की गई थीं, लेकिन उसे ठीक नहीं कराया गया। उन्होंने बताया कि जब परिवार को सबसे ऊपरी मंजिल का फ्लैट दिया गया था, तब भी वह उसकी हालत को लेकर चिंतित थीं और मकान में मरम्मत की जरूरत थी।
कोर्ट में इंजीनियरों ने बताया कि दिसंबर 2023 में काउंसिल ने खिड़कियों और उनके हैंडलों की जांच व मरम्मत के लिए इंजीनियर भेजा था। उस समय खिड़कियां ठीक काम कर रही थीं। जनवरी 2024 में नए लॉक भी लगाए गए थे। हालांकि, पुलिस का वीडियो देखने के बाद इंजीनियर ने माना कि सेफ्टी लॉक हर बार सही तरीके से बंद नहीं हो रहा था।
जज इयान वेड ने कहा कि आलिम को ऑटिज्म था और वह अपनी सुरक्षा को लेकर सही निर्णय लेने में सक्षम नहीं था। अदालत के अनुसार, आलिम को लगा कि वह हवा में उड़ सकता है और उसे नुकसान नहीं होगा। जज ने माना कि खिड़की के सेफ्टी लॉक में तकनीकी समस्या थी, लेकिन काउंसिल के पास परिवार को 15वीं मंजिल पर फ्लैट नहीं देने का कोई ठोस कारण नहीं था। अदालत ने न्यूहैम काउंसिल को क्लीन चिट देते हुए घटना को एक दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण हादसा माना।