अमेरिका ने भारत को लौटाईं सदियों पुरानी 657 बेशकीमती कलाकृतियां, छत्तीसगढ़ और MP से जुड़े हैं तार
अमेरिका के न्यूयॉर्क में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान भारत की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी 657 बेशकीमती प्राचीन कलाकृतियां वापस कर दी गईं। अंतरराष्ट्र ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 30 Apr 2026 01:48:12 PM (IST)Updated Date: Thu, 30 Apr 2026 01:48:12 PM (IST)
अमेरिका ने भारत को लौटाईं सदियों पुरानी 657 बेशकीमती कलाकृतियां (प्रतीकात्मक फोटो)HighLights
- न्यूयॉर्क से भारत लौटेंगी 657 बेशकीमती कलाकृतियां
- कलाकृतियों के छत्तीसगढ़ और एमपी से जुड़े हैं तार
- बाजार में इनकी कीमत करीब 133 करोड़ रुपये है
डिजिटल डेस्क। अमेरिका के न्यूयॉर्क में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान भारत की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी 657 बेशकीमती प्राचीन कलाकृतियां वापस कर दी गईं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कुल कीमत लगभग 14 मिलियन डॉलर (करीब 133.30 करोड़ रुपये) आंकी गई है। मैनहैटन डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी कार्यालय ने इन पुरावशेषों को भारत को सौंपा, जो अंतरराष्ट्रीय तस्कर सुभाष कपूर और नैन्सी वीनर से जुड़े तस्करी नेटवर्क की जांच के दौरान बरामद किए गए थे।
2 मिलियन डॉलर की कलाकृति
लौटाई गई कलाकृतियों में सबसे खास अवलोकितेश्वर की कांस्य प्रतिमा है, जिसकी कीमत 2 मिलियन डॉलर है। इस मूर्ति पर मौजूद शिलालेख के अनुसार, इसे छत्तीसगढ़ (सिरपुर) के शिल्पकार द्रोणादित्य ने बनाया था। यह प्रतिमा 1939 में रायपुर के पास खोजी गई थी, जिसे 1982 में तस्करी कर अमेरिका पहुंचाया गया। 2025 में इसे न्यूयॉर्क के एक निजी संग्रह से जब्त किया गया था।
एक अन्य प्रमुख वस्तु लाल बलुआ पत्थर से बनी बुद्ध की प्रतिमा है, जिसकी कीमत 7.5 मिलियन डॉलर है। इसमें बुद्ध को अभय मुद्रा में दिखाया गया है। जांच के अनुसार, इसे सुभाष कपूर ने अवैध रूप से न्यूयॉर्क पहुंचाया था, जिसे बाद में एंटीक्विटीज ट्रैफिकिंग यूनिट ने जब्त किया।
गणेश जी की बलुआ पत्थर की मूर्ति भी शामिल
वापस की गई कलाकृतियों में नाचते हुए गणेश जी की बलुआ पत्थर की मूर्ति भी शामिल है, जिसे साल 2000 में मध्य प्रदेश के एक मंदिर से लूटा गया था। तस्करों ने इसके मालिकाना हक के फर्जी दस्तावेज तैयार कर इसे न्यूयॉर्क के क्रिस्टीज नीलामी घर के माध्यम से बेच दिया था। इसे खरीदने वाले निजी संग्रहकर्ता ने इस साल की शुरुआत में इसे स्वेच्छा से लौटा दिया।