9 जुलाई को मशहद में सुपुर्द-ए-खाक होंगे खामेनेई, 4 जुलाई से तेहरान में अंतिम विदाई
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को अगले महीने मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
Publish Date: Sat, 13 Jun 2026 09:54:24 PM (IST)Updated Date: Sat, 13 Jun 2026 09:54:24 PM (IST)
सुपुर्द-ए-खाक होंगे खामेनेई( फाइल फोटो)HighLights
- 4 जुलाई से तेहरान में शुरू होंगी अंतिम संस्कार की रस्में
- 9 जुलाई को मशहद में होगा अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार
- अमेरिका-इजरायल हमले के बाद टाल दी गई थीं अंतिम रस्में
डिजिटल डेस्क। ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को अगले महीने मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। अमेरिका और इजरायल के साथ युद्ध के चलते उनकी अंतिम रस्मों को पहले स्थगित कर दिया गया था।
ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, खामेनेई के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया 4 जुलाई से राजधानी तेहरान में शुरू होगी। तीन दिनों तक सार्वजनिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसके बाद 9 जुलाई को उन्हें मशहद में दफनाया जाएगा। बताया जा रहा है कि उनकी अंतिम इच्छा भी मशहद में दफन होने की थी।
युद्ध के कारण टल गई थीं अंतिम रस्में
खामेनेई को मार्च में सुपुर्द-ए-खाक किए जाने की तैयारी थी, लेकिन अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते सैन्य संघर्ष के कारण कार्यक्रम को स्थगित करना पड़ा। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों में तेहरान समेत कई इलाकों को निशाना बनाया गया था। इसी दौरान 86 वर्षीय खामेनेई की मौत हो गई थी।
तीन दशक तक संभाली ईरान की कमान
अयातुल्ला अली खामेनेई ने 1989 में अयातुल्ला रूहोल्लाह खोमेनी के निधन के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर का पद संभाला था। उनके नेतृत्व में ईरान की सैन्य, राजनीतिक और धार्मिक नीतियों को नई दिशा मिली। उन्हें इस्लामिक गणराज्य की सबसे प्रभावशाली हस्तियों में गिना जाता है।
नए सुप्रीम लीडर बने मोजतबा खामेनेई
खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया। हालांकि, सत्ता संभालने के बाद से मोजतबा सार्वजनिक रूप से बेहद कम दिखाई दिए हैं। उनकी गैरमौजूदगी को लेकर ईरान और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं जारी हैं।